सेंट्रल जेल से रिहा हुए चैतन्य बघेल: बोले- कोर्ट का आभारी हूं कि मुझे न्याय मिला

छत्तीसगढ़ के चर्चित शराब घोटाले से जुड़े मामलों में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल को हाईकोर्ट से बड़ी राहत मिली है। अदालत ने उन्हें जमानत देते हुए रिहा करने का आदेश दिया, जिसके बाद शनिवार 3 जनवरी को वे करीब छह महीने यानी 180 दिन बाद रायपुर सेंट्रल जेल से बाहर आए।
जेल से बाहर आने के बाद चैतन्य बघेल ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें न्यायपालिका पर पूरा भरोसा है और वे अदालत के आभारी हैं। मामले से जुड़े सवालों पर उन्होंने कहा कि प्रकरण अभी न्यायालय में विचाराधीन है, इसलिए इस पर टिप्पणी करना उचित नहीं होगा।
चैतन्य बघेल की रिहाई के दौरान रायपुर सेंट्रल जेल के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं की भारी भीड़ जमा रही। समर्थकों ने ढोल-नगाड़ों और आतिशबाजी के साथ उनका स्वागत किया। रिहाई को लेकर कांग्रेस खेमे में उत्साह का माहौल देखने को मिला।
इधर, फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने कहा कि “सत्य को परेशान किया जा सकता है, लेकिन उसे पराजित नहीं किया जा सकता।” उन्होंने बताया कि चैतन्य को जिस दिन गिरफ्तार किया गया था, वह उसका जन्मदिन था और आज वह उनके पोते के जन्मदिन पर घर लौटा है। भूपेश बघेल ने कहा कि यह फैसला दिखाता है कि प्रवर्तन निदेशालय द्वारा पीएमएलए कानून का किस तरह दुरुपयोग किया जा रहा है। उन्होंने अपने बेटे की गिरफ्तारी को साजिश बताते हुए कानून व्यवस्था पर भरोसा भी जताया।
पूर्व उपमुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता टी.एस. सिंहदेव ने भी जमानत को सही ठहराते हुए कहा कि हाल के वर्षों में ईडी जैसी एजेंसियों के माध्यम से गिरफ्तारियों की संख्या तेजी से बढ़ी है। कई मामलों में बिना ठोस सबूत के लोगों को जांच के दौरान ही जेल भेज दिया जाता है। उन्होंने कहा कि ट्रायल से पहले ही सजा जैसी स्थिति बना दी जाती है, जो पूरी प्रक्रिया को अव्यवहारिक और गलत बनाती है।
वहीं उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा ने भूपेश बघेल के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि कानून और संवैधानिक संस्थाओं पर भरोसा रखना अच्छी बात है। उन्होंने कहा कि न्यायालय अपने अधिकार क्षेत्र में निर्णय लेता है और सभी को उसके फैसलों का सम्मान करना चाहिए।
गौरतलब है कि हाईकोर्ट ने चैतन्य बघेल को शराब घोटाले से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में जमानत प्रदान की है। उनके खिलाफ प्रवर्तन निदेशालय और राज्य की एसीबी/ईओडब्ल्यू द्वारा प्रकरण दर्ज किया गया था।
उल्लेखनीय है कि 18 जुलाई 2025 को चैतन्य बघेल को उनके जन्मदिन के दिन गिरफ्तार किया गया था। अब हाईकोर्ट से राहत मिलने के बाद वे 3 जनवरी को अपने बेटे के जन्मदिन पर घर लौटे, जिससे परिवार में खुशी का माहौल है।
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