राम मंदिर चढ़ावा चोरी केस: आरोपी अनुकल्प मिश्र की दो करोड़ की जमीन डील का खुलासा

HIGHLIGHTS
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले के आरोपी अनुकल्प मिश्र पर आरोप है कि वह चोरी की रकम से अपने गांव के पास करीब 20 बीघा जमीन खरीदने की योजना बना रहा था।
- जांच में सामने आया कि वह दो करोड़ रुपये की जमीन डील, स्कॉर्पियो वाहन और पहले से स्विफ्ट डिजायर कार खरीद चुका था, साथ ही प्रॉपर्टी में निवेश की तैयारी में था।
- मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि एसआईटी जांच जारी है और अन्य आरोपियों की संपत्तियों की भी जांच की जा रही है।
अयोध्या में राम मंदिर के दान पात्रों से चढ़ावा चोरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी अनुकल्प मिश्र को लेकर चौंकाने वाले खुलासे सामने आए हैं। जांच में पता चला है कि वह चोरी की गई रकम से अपने गांव के पास बड़ी मात्रा में जमीन खरीदने की योजना बना रहा था।
सूत्रों के अनुसार, अनुकल्प करीब 20 बीघा जमीन खरीदने के लिए लगभग दो करोड़ रुपये का सौदा तय कर चुका था। इसके अलावा वह एक स्कॉर्पियो वाहन लेने की तैयारी में था और पहले ही एक शोरूम से बुकिंग को लेकर बातचीत कर चुका था। बताया जा रहा है कि उसने दो महीने पहले एक स्विफ्ट डिजायर कार भी खरीदी थी।
गांव और संपत्ति से जुड़े खुलासे
पुलिस पूछताछ में आरोपी के पिता रवींद्र मिश्र से मिली जानकारी के आधार पर अंबेडकरनगर में उसकी कुछ अचल संपत्तियों का भी पता चला है। मूल रूप से मिल्कीपुर के बसावां गांव का रहने वाला अनुकल्प पिछले लगभग डेढ़ साल से अयोध्या के कौशलपुरी इलाके में रह रहा था, हालांकि उसका गांव आना-जाना लगातार बना हुआ था।
84 कोसी परिक्रमा मार्ग के आसपास चल रहे विकास कार्यों को देखते हुए उसने हाईवे किनारे जमीन में निवेश की इच्छा जताई थी और कई प्रॉपर्टी डीलरों से संपर्क भी किया था।
धार्मिक आयोजन और जमीन सौदे की तैयारी
अप्रैल महीने में जब उसने अपने गांव में भागवत कथा का आयोजन कराया था, तब कई प्रॉपर्टी डीलर उससे जमीन सौदे को लेकर मिले थे। वह एक ही स्थान पर बड़ी जमीन खरीदने पर जोर दे रहा था, जिसके चलते सौदा अंतिम रूप नहीं ले पाया।
बताया गया है कि वह चाहता था कि जमीन परिक्रमा मार्ग के बिल्कुल पास हो, चाहे कीमत कितनी भी क्यों न हो।
जांच और गिरफ्तारी की स्थिति
जून में चढ़ावा चोरी का मामला सामने आने के बाद ट्रस्ट की आंतरिक जांच शुरू हुई और बाद में एसआईटी ने भी मामले की जांच की। लगातार पूछताछ के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और अनुकल्प समेत कई आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया।
इस मामले में अब तक आठ लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि जांच एजेंसियां अन्य आरोपियों की संपत्तियों और लेन-देन की भी जांच कर रही हैं।
गौरतलब है कि 5 जून को यह मामला पहली बार सामने आया था, जिसके बाद 13 जून को एसआईटी का गठन किया गया। अब ट्रस्ट की आगामी बैठक में चंपत राय और अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर भी निर्णय लिया जा सकता है।
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