ईरान में तबाही का दावा: बासिज कमांडर सहित कई शीर्ष नेताओं के मारे जाने की खबर

इस्राइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच इस्राइल के रक्षा मंत्री इस्राइल काट्ज ने दावा किया है कि बीती रात ईरान में किए गए हवाई हमलों में देश की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद के सचिव अली लारीजानी की मौत हो गई है। हालांकि, इन दावों के बीच लारीजानी के कार्यालय ने संकेत दिया है कि वह जल्द ही मीडिया को संबोधित कर स्थिति स्पष्ट करेंगे।
सूत्रों के अनुसार, लारीजानी को ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई का करीबी माना जाता था और हाल के समय में वह शासन के अहम चेहरों में शामिल थे।
बासिज फोर्स के कमांडर पर भी हमला
इस्राइली सेना (आईडीएफ) ने यह भी दावा किया है कि इन हमलों में बासिज फोर्स के कमांडर गुलामरेजा सुलेमानी को निशाना बनाकर मार गिराया गया। सेना के मुताबिक, यह कार्रवाई एक अस्थायी कैंप में की गई, जिसे पहले मुख्यालय नष्ट होने के बाद तैयार किया गया था।
बताया जा रहा है कि इस हमले में बासिज फोर्स के डिप्टी कमांडर सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भी मारे गए हैं। बासिज फोर्स पर ईरान में विरोध प्रदर्शनों को सख्ती से दबाने और नागरिकों के खिलाफ कार्रवाई के आरोप लगते रहे हैं।
Photo: Prime Minister Benjamin Netanyahu ordering the elimination of senior Iranian regime officials. pic.twitter.com/av6rIqNOFt
— Prime Minister of Israel (@IsraeliPM) March 17, 2026
फिलिस्तीनी गुट के नेता पर भी कार्रवाई
इस्राइल ने अपनी कार्रवाई का दायरा बढ़ाते हुए फिलिस्तीनी इस्लामिक जिहाद संगठन के वरिष्ठ नेता अकरम अल-अजौरी को भी निशाना बनाने का दावा किया है। हालांकि, उनकी मौत की पुष्टि अभी तक नहीं हो पाई है।
प्रधानमंत्री कार्यालय का बयान
इन घटनाओं के बीच इस्राइल के प्रधानमंत्री कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा किया, जिसमें संकेत दिया गया कि प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरानी नेतृत्व से जुड़े अहम लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
सेना ने बताया ‘सफल ऑपरेशन’
इस्राइली सेना प्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल इयाल जमीर ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता करार देते हुए कहा कि रातभर चले हमलों में कई महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाया गया। उनके अनुसार, तेहरान में मौजूद एक सुरक्षित ठिकाने पर भी हमला किया गया, जहां कथित तौर पर गाजा और वेस्ट बैंक में सक्रिय आतंकियों की मौजूदगी थी।
इस घटनाक्रम के बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, जबकि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
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