केतन अग्रवाल हत्याकांड: मोबाइल सर्च हिस्ट्री ने खोले कई राज, जांच में सामने आईं राजा रघुवंशी केस जैसी समानताएं

HIGHLIGHTS
- पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच में मोबाइल सर्च हिस्ट्री और डिजिटल सबूतों से कई अहम सुराग मिले हैं।
- पुलिस को जांच के दौरान राजा रघुवंशी हत्याकांड से मिलती-जुलती परिस्थितियां भी मिली हैं, जिनकी पड़ताल जारी है।
नई दिल्ली। पुणे के चर्चित केतन अग्रवाल हत्याकांड की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे कई नए तथ्य सामने आ रहे हैं। जांच एजेंसियों के अनुसार, इस मामले में कुछ ऐसे पहलू मिले हैं जिनकी तुलना मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से की जा रही है। हालांकि पुलिस का कहना है कि दोनों मामलों की परिस्थितियां और जांच अलग-अलग हैं तथा हर तथ्य की स्वतंत्र रूप से जांच की जा रही है।
पहाड़ी से धक्का देने का तरीका बना जांच का केंद्र
जांच अधिकारियों के मुताबिक, दोनों मामलों में पीड़ितों को ऊंचाई वाले स्थान से नीचे धक्का दिए जाने का पैटर्न सामने आया है। इसी वजह से जांच टीम यह भी पड़ताल कर रही है कि क्या आरोपियों ने पहले सामने आए चर्चित मामलों से किसी तरह की जानकारी या प्रेरणा ली थी।
पुलिस के अनुसार बनाई गई थी सुनियोजित योजना
प्रारंभिक जांच में पुलिस को संकेत मिले हैं कि आरोपी सिया गोयल और उसके कथित साथी चेतन चौधरी ने घटना को अंजाम देने से पहले विस्तृत तैयारी की थी। अधिकारियों का मानना है कि उन्होंने अपने बचाव के लिए पहले से मजबूत अलिबी (घटना के समय किसी अन्य स्थान पर होने का दावा) तैयार करने की भी कोशिश की।
जांच से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि मामले की गुत्थी सुलझाने के दौरान कई भ्रामक जानकारियों और विरोधाभासी बयानों की जांच करनी पड़ी। इसी प्रक्रिया में पुलिस को कुछ ऐसे सुराग मिले, जिनसे जांच आगे बढ़ी।
कबूलनामे से नहीं, सबूतों से आगे बढ़ रही जांच
पुलिस का कहना है कि हिरासत में दिए गए किसी भी बयान की कानूनी वैधता सीमित होती है। इसलिए जांच का पूरा आधार डिजिटल साक्ष्य, फॉरेंसिक रिपोर्ट, घटनास्थल से मिले प्रमाण और अन्य तकनीकी सबूतों पर रखा जा रहा है।
रिश्तों में तनाव बना हत्या की वजह?
जांच अधिकारियों के अनुसार, अब तक की पड़ताल में यह संकेत मिले हैं कि व्यक्तिगत संबंधों में तनाव और शादी को लेकर पैदा हुए विवाद ने इस घटना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई हो सकती है। हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है और अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।
राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी खबरें देखी थीं
जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल फोन की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि आरोपी ने इंटरनेट पर मेघालय के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड से जुड़ी खबरें और रिपोर्टें देखी थीं। पुलिस यह भी जांच रही है कि इन जानकारियों का मौजूदा मामले से कोई संबंध है या नहीं।
गूगल सर्च हिस्ट्री से मिले अहम संकेत
पुलिस सूत्रों के अनुसार, मोबाइल की ब्राउजिंग हिस्ट्री में पुलिस हिरासत, महिला आरोपियों के अधिकार और पूछताछ से जुड़े विषयों पर भी सर्च किए जाने के संकेत मिले हैं। इसके अलावा एक अन्य मोबाइल फोन को भी फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, जिससे मामले में और अहम जानकारी मिलने की उम्मीद है।
जांच जारी, फॉरेंसिक रिपोर्ट का इंतजार
पुलिस का कहना है कि डिजिटल डिवाइस, फॉरेंसिक रिपोर्ट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है। जांच एजेंसियां फिलहाल किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले सभी सबूतों का विस्तृत विश्लेषण कर रही हैं।
इस मामले में राजा रघुवंशी की मां उमा रघुवंशी ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि इस घटना ने उन्हें अपने बेटे के मामले की याद दिला दी। उन्होंने न्यायिक प्रक्रिया को जल्द पूरा करने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।





























Comments are closed for this article.