‘सरकार के पास अधिकार’: टेलीग्राम पर लगी रोक जारी, हाई कोर्ट ने दी केंद्र को राहत

दिल्ली हाई कोर्ट ने NEET-UG 2026 की पुनर्परीक्षा से पहले टेलीग्राम पर लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को लेकर केंद्र सरकार से कई अहम सवाल किए हैं। अदालत ने सुनवाई के दौरान पूछा कि कुछ लोगों द्वारा परीक्षा देने या कथित दुरुपयोग की आशंका के आधार पर करोड़ों उपयोगकर्ताओं की डिजिटल पहुंच को कैसे सीमित किया जा सकता है।
टेलीग्राम की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने अपना फैसला सुरक्षित रखा था। बाद में कोर्ट ने केंद्र सरकार द्वारा लगाए गए अस्थायी प्रतिबंध को फिलहाल जारी रखने का निर्णय दिया।
केंद्र का दावा- टेलीग्राम का इस्तेमाल अपराधी नेटवर्क कर रहे हैं
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने टेलीग्राम की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए। सरकार ने अदालत को बताया कि प्लेटफॉर्म की तकनीकी संरचना ऐसी है, जिसका गलत इस्तेमाल करना अपेक्षाकृत आसान है। सरकार के अनुसार, टेलीग्राम पर अपराधियों और संगठित नेटवर्क की गतिविधियों का पता लगाना और उनकी पहचान करना अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की तुलना में कहीं अधिक चुनौतीपूर्ण है।
हलफनामे में केंद्र ने कहा कि टेलीग्राम का उपयोग कई बार अवैध गतिविधियों, चरमपंथी नेटवर्क और प्रतिबंधित सामग्री के प्रसार के लिए किए जाने की जानकारी मिली है। इसी वजह से कानून प्रवर्तन एजेंसियों को जांच के दौरान कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
अन्य प्लेटफॉर्म्स से अलग बताया गया ढांचा
सरकार की ओर से पेश दलीलों में कहा गया कि टेलीग्राम का तकनीकी मॉडल अन्य लोकप्रिय प्लेटफॉर्म्स जैसे फेसबुक और व्हाट्सऐप से अलग है। अधिकारियों का कहना था कि अन्य कंपनियों के पास कंटेंट मॉडरेशन और निगरानी के प्रभावी तंत्र मौजूद हैं, जबकि टेलीग्राम के मामले में जांच एजेंसियों को कई बार जरूरी जानकारी तक पहुंचने में बाधा आती है।
केंद्र ने यह भी कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा और परीक्षा जैसी संवेदनशील प्रक्रियाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए असाधारण परिस्थितियों में विशेष कदम उठाने पड़ते हैं।
कोर्ट ने प्रक्रिया पर जताई चिंता
सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने सरकार की कार्रवाई के तरीके पर भी सवाल उठाए। अदालत ने कहा कि वह पूरे मामले में अपनाई गई प्रक्रिया और आपातकालीन शक्तियों के इस्तेमाल की वैधता की जांच करेगी। कोर्ट ने यह भी जानना चाहा कि क्या ऐसी स्थिति थी, जिसमें सामान्य कानूनी उपाय पर्याप्त नहीं थे और अस्थायी प्रतिबंध लगाना जरूरी हो गया।
याचिका पर फैसला, बैन फिलहाल बरकरार
टेलीग्राम ने अदालत में दलील दी थी कि प्लेटफॉर्म पर लगाया गया प्रतिबंध लाखों-करोड़ों वैध उपयोगकर्ताओं को प्रभावित कर रहा है। वहीं केंद्र ने इसे सार्वजनिक हित और सुरक्षा से जुड़ा कदम बताया।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने फिलहाल अस्थायी प्रतिबंध को जारी रखने का फैसला दिया है। मामले से जुड़े विस्तृत आदेश पर अब सभी की नजरें टिकी हैं।
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