केतन की मौत के 17 दिन बाद दादा ने भी तोड़ा दम, परिवार बोला- सदमे से बिगड़ी थी तबीयत

HIGHLIGHTS
- केतन अग्रवाल मामले में एक और दुखद मोड़ आया, उनके 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का निधन हो गया।
- पोते की मौत के बाद से वे गहरे सदमे में थे और शनिवार रात कार्डियक अरेस्ट से उनकी मौत हुई।
- पुणे पुलिस मामले की जांच जारी रखे हुए है और आरोपियों से जुड़े साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
पुणे के लोहागढ़ किले से गिरकर जान गंवाने वाले केतन अग्रवाल मामले में एक और दुखद घटना सामने आई है। केतन के 71 वर्षीय दादा देवीचंद अग्रवाल का शनिवार रात निधन हो गया। परिजनों के अनुसार पोते की अचानक मौत के बाद से वह गहरे मानसिक तनाव में थे और उनकी तबीयत लगातार बिगड़ती जा रही थी। परिवार ने बताया कि उन्हें पोते की मौत का सदमा सहन नहीं हो सका।
दादा का कार्डियक अरेस्ट से निधन
परिजनों ने जानकारी दी कि शनिवार रात करीब 9:45 बजे देवीचंद अग्रवाल को अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद कार्डियक अरेस्ट आया, जिससे उनकी मौत हो गई। केतन की मौत के बाद से वे बेहद आहत और अस्वस्थ चल रहे थे। अब परिवार में एक के बाद एक दो बड़े नुकसान से शोक का माहौल है।
पुलिस जांच में तेजी जारी
इधर, पुलिस इस कथित हत्या मामले की जांच को आगे बढ़ा रही है। जांच में मुख्य आरोपी सिया गोयल और सह-आरोपी चेतन चौधरी से जुड़े डिजिटल और भौतिक साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। पुलिस का मानना है कि घटना की पूरी कड़ियां जोड़ने के लिए सभी पहलुओं की बारीकी से जांच जरूरी है।
घटनाक्रम का किया जा रहा पुनर्निर्माण
जांच के तहत पुलिस ने आरोपियों को घटनास्थल और संबंधित स्थानों पर ले जाकर क्राइम सीन रीक्रिएशन किया है। सिया गोयल के घर से घटना के दिन पहने गए कपड़े भी बरामद किए गए हैं। इससे पहले चेतन चौधरी के साथ भी घटनास्थल पर डमी की मदद से पूरा घटनाक्रम दोहराया गया था।
पिता का बयान
सिया गोयल के पिता प्रवीण गोयल ने बताया कि पुलिस उनके घर आई थी, लेकिन उनसे विस्तृत पूछताछ नहीं हुई। उन्होंने कहा कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वह फिलहाल इस मामले पर कोई टिप्पणी करने की स्थिति में नहीं हैं।
आगे की जांच
पुलिस अब तक जुटाए गए सबूतों, बरामद सामान और क्राइम सीन रीक्रिएशन के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। अधिकारियों के अनुसार सभी तथ्यों के विश्लेषण के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय की जाएगी।
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