देवभूमि में किसी जिहादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा: सीएम धामी

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा है कि प्रदेश में मदरसों को बच्चों को गुमराह करने वाले अलगाववादी केंद्र नहीं बनने दिया जाएगा। सरकार ने अवैध मदरसों को ताला लगाने की कार्रवाई शुरू कर दी है, ताकि इन्हें केवल ज्ञान और संस्कार के केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
सीएम धामी ने यह बात सरकार के चार साल पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित “चार साल बेमिसाल” कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कही। इस मौके पर उन्होंने 401 करोड़ की 74 विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास भी किया।
चार साल में सरकार की उपलब्धियां
सीएम धामी ने कहा कि चार साल पहले जनता ने उन्हें राज्य की सेवा का अवसर दिया। शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया। अब चार साल बाद वे गर्व से कह सकते हैं कि यह संकल्प तेजी से पूरा हो रहा है।
- पहली बार राज्य में जी-20 वैश्विक सम्मेलन की सफल बैठक आयोजित की गई।
- राष्ट्रीय खेलों का भव्य आयोजन हुआ।
- राज्य की आर्थिक वृद्धि में डेढ़ गुना की बढ़ोतरी।
- GS GDP में पिछले वर्ष 7.23% की वृद्धि।
- प्रतिव्यक्ति आय में 41% की बढ़ोतरी।
- 20,000 से अधिक नए उद्योग स्थापित, स्टार्टअप की संख्या 700 से बढ़कर 1,750।
- दो लाख 65 हजार से अधिक महिलाएं लखपति बनीं।
- रिवर्स पलायन में 44% की बढ़ोतरी।
नई कार्य संस्कृति और शहर विकास
धामी ने बताया कि देहरादून को आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए लगभग 1,400 करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं पर काम चल रहा है। उन्होंने पूर्ववर्ती सरकारों की तुलना करते हुए कहा कि पहले घोषणाओं के 15% ही जनता तक पहुँच पाते थे, अब कार्य तेजी से हो रहा है।
भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई
- पिछले चार साल में 30,000 से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी।
- नकल माफिया और भ्रष्टाचार में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई, 100 से अधिक नकल माफिया जेल में।
- भ्रष्टाचार के मामलों में कोई बड़ी या छोटी “मछली” बकाया नहीं।
मदरसों और जिहादी गतिविधियों पर सख्त रुख
सीएम ने कहा कि देवभूमि में किसी जिहादी मानसिकता को पनपने नहीं दिया जाएगा। इसके लिए सरकार ने:
- धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कड़े कानून लागू किए।
- 12,000 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि मुक्त करवाई।
- जुलाई 2026 से उत्तराखंड के सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।
सीएम ने यह भी कहा कि प्रदेश की सुरक्षा, दैवत्व और डेमोग्राफी की रक्षा सरकार की प्राथमिकता है।
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