पीएम मोदी का संदेश: पुलिसिंग को आधुनिक और लोगों के भरोसेमंद बनाना जरूरी

छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में चल रहे 60वें अखिल भारतीय डीजीपी-आईजी सम्मेलन का तीसरा और अंतिम दिन रविवार को सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने भी सम्मेलन में भाग लिया। पीएम मोदी ने अधिकारियों से अपील की कि पुलिसिंग के तरीकों को मॉडर्न बनाकर विकसित भारत के नेशनल विज़न के अनुरूप ढाला जाए। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस के बारे में आम लोगों की सोच बदलने और शहरी व टूरिस्ट पुलिसिंग को मज़बूत करने की आवश्यकता है।
तीसरे दिन का कार्यक्रम प्रधानमंत्री की उपस्थिति में सुबह 6 बजे योग अभ्यास के साथ शुरू हुआ। इसके बाद 8:30 बजे सभी अधिकारियों के साथ सामूहिक फोटो लिया गया। लगभग 9 बजे ब्रेकफास्ट के दौरान पीएम ने वरिष्ठ अधिकारियों से अनौपचारिक बातचीत की। 10 बजे औपचारिक बैठकें शुरू हुईं। पहले सत्र में पुलिसिंग में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के उपयोग और इसके भविष्य पर चर्चा हुई, जबकि दूसरे सत्र में वैश्विक जियो-पॉलिटिकल चुनौतियों और राष्ट्रीय सुरक्षा के मुद्दों पर गहन विमर्श किया गया।
दोपहर में प्रधानमंत्री ने सम्मेलन के डेलीगेट्स, अवार्ड प्राप्त अधिकारियों और विशेष आमंत्रितों से मुलाकात की। इस दौरान इंटेलिजेंस ब्यूरो के अधिकारियों को राष्ट्रपति पदक प्रदान किए गए। इसके बाद शहरी पुलिसिंग में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले तीन शहरों को पुरस्कार दिया गया।
पीएम मोदी ने अपने संबोधन में बताया कि यह सम्मेलन देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को राष्ट्रीय सुरक्षा, कानून-व्यवस्था और परिचालन चुनौतियों पर खुलकर संवाद करने का अवसर देता है। 2014 से इस आयोजन को नए आयाम दिए गए हैं, जिसके कारण इसे देश के विभिन्न शहरों में व्यापक और सहभागी रूप में आयोजित किया जा रहा है। इससे पहले गुवाहाटी, कच्छ, हैदराबाद, टेकनपुर, केवड़िया, पुणे, लखनऊ, नई दिल्ली, जयपुर और भुवनेश्वर में यह सम्मेलन हो चुका है।
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