भारत दौरे से पहले पुतिन ने यूरोप को चेताया, शांति प्रयासों में अड़चन डालने का लगाया आरोप

मॉस्को। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए चल रही अंतरराष्ट्रीय पहल पर कड़ा बयान दिया है। पुतिन का कहना है कि यूरोपीय देश, अमेरिका के नेतृत्व वाली शांति प्रक्रिया में जानबूझकर रुकावट डाल रहे हैं और युद्ध समाप्ति के प्रयासों को बाधित कर रहे हैं।
मॉस्को में आयोजित निवेश मंच में भाषण देते हुए पुतिन ने आरोप लगाया कि हाल के हफ्तों में यूरोप ने अमेरिका-नेतृत्व वाले शांति प्रस्तावों में ऐसे संशोधन किए हैं, जिन्हें रूस किसी भी हाल में स्वीकार नहीं कर सकता। उनका कहना था कि यूरोप का उद्देश्य शांति नहीं, बल्कि युद्ध को लंबा खींचना और रूस को दोषी ठहराना है।
यूरोप शांति के लिए गंभीर नहीं
पुतिन ने कहा, "यूरोपीय देश केवल ऐसे प्रस्ताव बढ़ा रहे हैं जो रूस के हितों के खिलाफ हैं। वे वार्ता को आगे नहीं बढ़ाना चाहते, बल्कि उसे अवरुद्ध करने का प्रयास कर रहे हैं।" उन्होंने बताया कि यूरोप ने शांति प्रस्तावों में जो बदलाव किए, वे रूस के लिए “पूरी तरह अस्वीकार्य” हैं, जिससे वार्ता ठप हो गई है।
अमेरिका के साथ वार्ता तेज
ट्रंप प्रशासन के दोबारा व्हाइट हाउस लौटने के बाद अमेरिका और रूस के बीच शांति वार्ता की गति बढ़ गई है। पुतिन ने कहा कि युद्ध समाप्ति की नई पहल में यूरोप बाधक बन रहा है। रूस का कहना है कि वार्ता तभी सार्थक होगी जब प्रस्ताव निष्पक्ष हों और किसी भी पक्ष पर दबाव न बनाया जाए।
चीन और भारत के साथ सहयोग बढ़ाने की योजना
पुतिन ने चीन और भारत के साथ आर्थिक एवं तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि एनर्जी, इंडस्ट्री, स्पेस और कृषि सहित कई क्षेत्रों में जॉइंट प्रोजेक्ट्स पर काम हो रहा है। पुतिन ने चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ आर्थिक और व्यापारिक सहयोग को नए स्तर पर ले जाने की योजना का भी जिक्र किया।
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