ट्रंप ने ईरान को दी कड़ी चेतावनी, बोले- इन्हें समझौता करने की समझ नहीं

HIGHLIGHTS
- अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर या किसी औपचारिक समझौते को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।
- इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के रुख पर नाराजगी जताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है।
- ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा कि ईरान अपने आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों को सही तरीके से संभाल नहीं पा रहा है।
- उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को यह तक स्पष्ट नहीं है कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी समझौते को कैसे आगे बढ़ाया जाता है।
- ट्रंप ने तंज कसते हुए ईरान से…
अमेरिका और ईरान के बीच सीजफायर या किसी औपचारिक समझौते को लेकर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के रुख पर नाराजगी जताते हुए उसकी कड़ी आलोचना की है।
ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर एक पोस्ट में लिखा कि ईरान अपने आंतरिक और अंतरराष्ट्रीय मामलों को सही तरीके से संभाल नहीं पा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान को यह तक स्पष्ट नहीं है कि परमाणु कार्यक्रम से जुड़े किसी समझौते को कैसे आगे बढ़ाया जाता है। ट्रंप ने तंज कसते हुए ईरान से जल्द “समझदारी दिखाने” की सलाह दी।
रिपोर्ट्स के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच चल रही बातचीत मुख्य रूप से परमाणु कार्यक्रम के मुद्दे पर अटक गई है। इसी कारण दोनों देशों के बीच तनाव कम होने के बजाय बढ़ता जा रहा है। बताया जा रहा है कि ट्रंप प्रशासन ने अपने सहयोगियों को एक लंबी अवधि तक दबाव बनाए रखने की रणनीति तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जिसमें आर्थिक और सैन्य दोनों तरह के उपाय शामिल हो सकते हैं।
इसी बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है। यह समुद्री मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है और यहां किसी भी तरह की बाधा का असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।
दूसरी ओर, ईरान ने अमेरिका को एक नया प्रस्ताव भेजने की बात सामने आई है, जिसमें संघर्ष समाप्त करने और होर्मुज मार्ग को फिर से खोलने पर जोर दिया गया है। हालांकि, परमाणु वार्ता को फिलहाल बाद के चरण में ले जाने का सुझाव दिया गया है।
रिपोर्ट्स यह भी बताती हैं कि ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कुछ मध्यस्थ देशों को सूचित किया है कि अमेरिकी मांगों पर देश के भीतर एकमत नहीं है। अमेरिका की ओर से मुख्य मांगों में यूरेनियम संवर्धन को लंबे समय तक रोकना और पहले से संवर्धित सामग्री को हटाने जैसे सख्त कदम शामिल हैं।
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