भारतीय धर्मगुरुओं ने अयातुल्ला खामेनेई को दी श्रद्धांजलि, ईरानी दूतावास ने साझा किया वीडियो

ईरान के पूर्व सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के कई महीनों बाद उनके अंतिम संस्कार की औपचारिक प्रक्रियाएं अब शुरू कर दी गई हैं। देश में शोक का माहौल है और बड़ी संख्या में लोग जनाजे और संबंधित कार्यक्रमों में शामिल हो रहे हैं।
सूचनाओं के अनुसार, आज उनका पार्थिव शरीर तेहरान लाया गया, जहां सार्वजनिक श्रद्धांजलि की तैयारियां की जा रही हैं। ईरान के साथ-साथ पड़ोसी देश इराक के कई शहरों में भी अंतिम संस्कार से जुड़े बड़े आयोजन किए जाने की योजना है।
28 फरवरी को हुआ था निधन
अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी को हुआ था। उस समय क्षेत्रीय तनाव और युद्ध जैसी स्थिति के चलते अंतिम संस्कार की प्रक्रिया को स्थगित कर दिया गया था। सरकारी अधिकारियों के अनुसार, अब हालात सामान्य होने के बाद औपचारिक कार्यक्रमों को आगे बढ़ाया जा रहा है।
अधिकारियों ने बताया कि अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी की उम्मीद है। इसके अलावा कई विदेशी प्रतिनिधियों और नेताओं के भी शामिल होने की संभावना जताई गई है।
इराक के पवित्र शहरों से होकर जाएगी अंतिम यात्रा
जनाजे को तेहरान के बाद इराक के धार्मिक शहरों नजफ और कर्बला ले जाया जाएगा, जहां विशेष धार्मिक रस्में आयोजित की जाएंगी। इसके बाद अंतिम चरण में उन्हें ईरान के मशहद शहर में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। मशहद उनका जन्मस्थान भी बताया जाता है, जहां इमाम रजा के रौजे में उन्हें दफनाया जाएगा।
भारत की ओर से श्रद्धांजलि
इस बीच भारत से आए एक धार्मिक प्रतिनिधिमंडल ने भी अयातुल्ला अली खामेनेई को श्रद्धांजलि अर्पित की। भारत में स्थित ईरानी दूतावास ने इस श्रद्धांजलि से जुड़ा वीडियो भी साझा किया है।
क्षेत्रीय हालात के बीच हो रहे कार्यक्रम
ये सभी आयोजन ऐसे समय में हो रहे हैं जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव कम करने के लिए एक अस्थायी समझौते के तहत संघर्ष विराम लागू बताया जा रहा है।



















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