यूकेएसएसएससी पेपर लीक कांड: मास्टरमाइंड खालिद के खिलाफ देहरादून में नया केस दर्ज

देहरादून। उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूकेएसएसएससी) के पेपर लीक मामले का मुख्य आरोपी मो. खालिद अब एक और गंभीर आरोप में फंस गया है। जेल में बंद खालिद के खिलाफ देहरादून के रायपुर थाने में मंगलवार को प्राथमिकी दर्ज की गई। सीबीआई की जांच में यह खुलासा हुआ कि खालिद ने केवल परीक्षा का पेपर लीक नहीं किया, बल्कि भर्ती प्रक्रिया के नियमों के साथ भी धोखाधड़ी की।
सूत्रों के अनुसार खालिद ने फर्जी दस्तावेज प्रस्तुत कर अपनी पात्रता दिखाने का प्रयास किया। इस मामले में संबंधित विश्वविद्यालयों से पुष्टि मिलने के बाद आयोग ने सीबीआई को पूरी जानकारी दी। अब रायपुर पुलिस खालिद से न्यायिक हिरासत में पूछताछ कर सकती है।
एक व्यक्ति, कई आवेदन
सीबीआई के अनुसार खालिद ने स्नातक स्तरीय परीक्षा और सहकारी निरीक्षक पद के लिए कुल नौ अलग-अलग आवेदन किए। हर आवेदन में उसने अपनी शैक्षिक योग्यता, फोटो और मोबाइल नंबर बदलकर प्रस्तुत किए। सहकारी निरीक्षक के लिए विशेष विषयों में स्नातक होना अनिवार्य था, लेकिन खालिद पात्र नहीं था। इसके बावजूद उसने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर परीक्षा में हिस्सा लिया।
सीबीआई की सिफारिश के बाद आयोग के अनु. सचिव ने रायपुर पुलिस को शिकायत दी, और भारतीय दंड संहिता तथा उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा (भर्ती में नकल रोकने और नियंत्रण के उपाय) अधिनियम, 2023 के तहत केस दर्ज किया गया।
विश्वविद्यालयों की रिपोर्ट में खुलासा
आयोग ने जिन विश्वविद्यालयों से खालिद ने छात्र होने का दावा किया था, उन सभी ने रिपोर्ट दी कि खालिद कभी उनका छात्र नहीं रहा। इससे साफ हुआ कि उसने फर्जी मार्कशीट और दस्तावेज तैयार कर भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का प्रयास किया।
खालिद का पिछला कारनामा
हरिद्वार के लक्सर के रहने वाले खालिद का नाम सितंबर में सुर्खियों में आया था, जब स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान पेपर के तीन पन्ने व्हाट्सएप पर वायरल हुए थे। जांच में सामने आया कि खालिद ने परीक्षा केंद्र में मोबाइल छिपाकर प्रवेश किया और अपनी बहन साबिया के जरिए पेपर सहायक प्रोफेसर सुमन को भेजा ताकि वे हल कर सकें। इस मामले में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सीबीआई से जांच करवाई। सीबीआई ने हाल ही में खालिद, उसकी बहन और प्रोफेसर सुमन के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.






















Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.