भारत टैक्सी की तर्ज पर शुरू होगी नई सहकारी जीवन बीमा कंपनी, अमित शाह ने किया ऐलान

HIGHLIGHTS
- केंद्र सरकार ने सहकारी मॉडल पर आधारित नई जीवन बीमा कंपनी शुरू करने की घोषणा की है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
- सहकारी क्षेत्र को डिजिटल बनाने के लिए 50,000 पैक्स को ई-पैक्स में बदला गया है और कई नई परियोजनाओं की शुरुआत की गई है।
- अमित शाह ने कहा कि ‘सहकार से समृद्धि’ के तहत 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य में सहकारिता क्षेत्र अहम भूमिका निभाएगा।
नई दिल्ली। देश के सहकारिता आंदोलन को मजबूत करने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने एक बड़ा कदम उठाने की घोषणा की है। सहकारिता मंत्रालय के पांचवें स्थापना दिवस पर केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने कहा कि जल्द ही देश में सहकारी मॉडल पर आधारित एक नई जीवन बीमा कंपनी की शुरुआत की जाएगी।
उन्होंने कहा कि सहकारिता आंदोलन लंबे समय तक उपेक्षा का शिकार रहा, लेकिन मंत्रालय बनने के बाद इसे नई दिशा और मजबूती मिली है। आज देशभर के लगभग 8.5 लाख सहकारी संगठनों और 30 करोड़ से अधिक सदस्यों के लिए यह पहल एक महत्वपूर्ण बदलाव साबित होगी।
बीमा और परिवहन में सहकारी मॉडल का विस्तार
अमित शाह ने बताया कि सहकारी मॉडल पर आधारित ‘भारत टैक्सी’ सेवा का विस्तार तेजी से हो रहा है और आने वाले दो वर्षों में इसे 500 शहरों तक पहुंचाने की योजना है। इसी तर्ज पर बीमा क्षेत्र में भी एक स्वतंत्र सहकारी जीवन बीमा कंपनी बनाई जाएगी, जिससे ग्रामीण और सहकारी संस्थाओं को वित्तीय सुरक्षा मिल सके।
उन्होंने यह भी बताया कि इफको (IFFCO) पहले से ही अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के जरिए बीमा क्षेत्र में काम कर रही है, और नई पहल इस मॉडल को और व्यापक बनाएगी।
पैक्स के डिजिटलीकरण से गांवों में बदलाव
ग्रामीण सहकारी ढांचे को आधुनिक बनाने के लिए सरकार ने 50,000 प्राथमिक कृषि सहकारी समितियों (PACS) को डिजिटल स्वरूप में बदलकर ई-पैक्स (e-PACS) में शामिल किया है। इससे ग्रामीण स्तर पर पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी।
इसके साथ ही गुजरात के आणंद में ‘त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय’ की स्थापना की जा रही है, जिसका उद्देश्य सहकारी क्षेत्र के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन तैयार करना है।
कृषि भंडारण और बुनियादी ढांचे पर जोर
सरकार ने किसानों के लिए भंडारण क्षमता बढ़ाने की दिशा में भी कई कदम उठाए हैं। कार्यक्रम के दौरान 135 गोदामों का हस्तांतरण किया गया, 85 नए गोदामों का उद्घाटन हुआ और 47 नए भंडारण केंद्रों का शिलान्यास किया गया।
इसके अलावा सहकार वन परियोजना और बीज क्षेत्र से जुड़ी कई पहलों की भी शुरुआत की गई, जिससे कृषि आधारित सहकारी व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
‘2047 तक विकसित भारत’ का लक्ष्य
अमित शाह ने कहा कि सरकार का लक्ष्य “सहकार से समृद्धि” के विजन के साथ 2047 तक विकसित भारत के निर्माण में सहकारी क्षेत्र को मजबूत आधार बनाना है। डेयरी और अन्य क्षेत्रों में भी सहकारी मॉडल का विस्तार किया जाएगा, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिलेगी।
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