मुरादाबाद एएलसी ऑफिस में हंगामा: रिश्वत से तंग युवक चौथी मंजिल पर चढ़ा

मुरादाबाद के डिप्टी लेबर कमिश्नर कार्यालय में मंगलवार दोपहर उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक अचानक भवन की चौथी मंजिल पर चढ़कर जोर-जोर से चिल्लाने लगा। शोर सुनते ही कर्मचारी अपने कमरों से बाहर निकल आए और उसे नीचे समझाने का प्रयास करने लगे, लेकिन युवक लगातार अपनी जिद पर कायम रहा।
युवक ने आरोप लगाया कि उसके काम के बदले रिश्वत मांगी जा रही है और लंबे समय से उसकी फाइल अनावश्यक रूप से उलझाई जा रही है। उसने यहां तक कहा कि यदि उसके जीवन के त्याग से किसी का भला होता है, तो वह वह कदम भी उठा सकता है। स्थिति गंभीर होती देख कार्यालय स्टाफ ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। कुछ देर बाद डिप्टी लेबर कमिश्नर भी पहुंचे और युवक से संवाद स्थापित किया। करीब देर तक चली कोशिशों के बाद उसे नीचे उतरने के लिए राजी किया गया। इस पूरे घटनाक्रम के चलते कार्यालय का कामकाज कुछ समय के लिए बाधित रहा।
युवक के आवेदन पर दोबारा होगी जांच
घटनास्थल पर प्रदर्शन करने वाले युवक की पहचान ग्रामीण क्षेत्र सहडौली निवासी लो
केंद्र (लोकेश) कुमार के रूप में हुई है। श्रम विभाग के अधिकारियों ने बताया कि युवक का मामला पहले भी जांच के दायरे में रहा है।
उप श्रमायुक्त दीप्तिमान भट्ट के अनुसार, प्रारंभिक जांच में युवक की मानसिक स्थिति सामान्य नहीं प्रतीत होती। उन्होंने बताया कि लोकेश ने भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तहत 18 जनवरी 2022 को पंजीकरण कराया था। बाद में उसने दूसरी संतान के जन्म पर मातृत्व-शिशु एवं बालिका सहायता योजना के लिए अगस्त 2025 में ऑनलाइन आवेदन किया।
क्षेत्रीय श्रम प्रवर्तन अधिकारी की जांच में सामने आया कि लोकेश खेती का कार्य करता है और निर्माण श्रमिक की श्रेणी में नहीं आता। उसके द्वारा प्रस्तुत नियोजन प्रमाणपत्र भी जांच में फर्जी पाया गया। बोर्ड के नियमों के तहत निर्माण श्रमिक न पाए जाने पर उसका पंजीकरण पहले ही जुलाई 2022 में रद्द किया जा चुका था।
अधिकारियों का कहना है कि लोकेश ने पेंडिंग आवेदन को नियम-विरुद्ध स्वीकृत कराने और दबाव बनाने के उद्देश्य से भवन पर चढ़कर प्रदर्शन किया। इसके अतिरिक्त गंभीर बीमारी सहायता योजना के उसके आवेदन को भी पात्रता न होने के कारण सितंबर 2025 में निरस्त किया जा चुका है।
पुलिस और विभागीय अधिकारियों द्वारा उचित जांच और नियमानुसार कार्रवाई के आश्वासन के बाद युवक ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। अधिकारियों के अनुसार, उसके आवेदन की पात्रता की दोबारा जांच की जाएगी और आगे की प्रक्रिया नियमों के अनुसार पूरी की जाएगी।
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