दिल्ली हाई कोर्ट ने कारोबारी संजय कपूर की संपत्तियों के हस्तांतरण और बिक्री पर फिलहाल रोक लगा दी है। अदालत के इस आदेश से उनकी पूर्व पत्नी करिश्मा कपूर और उनके बच्चों समायरा व कियान को राहत मिली है। यह फैसला करिश्मा कपूर के बच्चों की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान दिया गया, जिसमें संपत्ति पर तीसरे पक्ष के अधिकार बनाए जाने से रोक लगाने की मांग की गई थी।
मामले की सुनवाई के दौरान अदालत ने अंतरिम आदेश जारी करते हुए कई अहम निर्देश दिए। कोर्ट ने संजय कपूर से जुड़ी संपत्तियों, बैंक खातों, विदेशों में मौजूद वित्तीय लेन-देन और क्रिप्टोकरेंसी से संबंधित जानकारी रिकॉर्ड में पेश करने को कहा है। साथ ही इन संपत्तियों के संचालन और किसी भी प्रकार के ट्रांजैक्शन पर फिलहाल रोक जारी रखने का आदेश दिया गया है।
अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जब तक मामला पूरी तरह तय नहीं हो जाता, तब तक संपत्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है। इसी कारण किसी भी प्रकार के हस्तांतरण या बदलाव की अनुमति नहीं दी जा सकती।
इस फैसले के बाद करिश्मा कपूर के बच्चों की ओर से दायर याचिका को शुरुआती तौर पर राहत मिली है। बच्चों ने संजय कपूर की कथित वसीयत की वैधता पर भी सवाल उठाए हैं, जिसे उनकी पत्नी प्रिया सचदेव द्वारा प्रस्तुत किया गया था। संजय कपूर की मां रानी कपूर ने भी इस दस्तावेज को चुनौती दी है।
इसी बीच करिश्मा कपूर की बहन करीना कपूर ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा कर अपनी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने अपनी इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा कि “न्याय और सत्य की हमेशा जीत होती है”। हालांकि उन्होंने सीधे तौर पर इस केस का जिक्र नहीं किया, लेकिन उनकी पोस्ट को इसी फैसले से जोड़कर देखा जा रहा है।
गौरतलब है कि करिश्मा कपूर और संजय कपूर की शादी 2003 में हुई थी और 2016 में दोनों का तलाक हो गया था। तलाक के बाद संजय कपूर ने प्रिया सचदेव से विवाह किया था। 12 जून को लंदन में संजय कपूर का निधन हो गया था। इसके बाद उनकी लगभग 30,000 करोड़ रुपये की संपत्ति को लेकर परिवार में विवाद शुरू हो गया है।