गुवाहाटी: असम के प्रसिद्ध सिंगर जुबीन गर्ग की रहस्यमयी मौत से जुड़ा मामला अब भी न्यायालय में विचाराधीन है। इस केस में कई अहम मोड़ आए हैं और कई लोग जांच के दायरे में हैं। सोमवार को अदालत ने फेस्टिवल आयोजक श्यामकानू महंत का बैंक खाता डी-फ्रीज करने का आदेश दिया।

अदालत का आदेश और अगली सुनवाई

न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, गुवाहाटी की एक अदालत ने टेक्निकल कारणों के चलते श्यामकानू महंत के बैंक अकाउंट को डी-फ्रीज करने का निर्णय लिया। इसके साथ ही चार्ज हियरिंग की अगली तारीख 19 मार्च निर्धारित की गई है। स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर (SPP) जियाउल कमर ने बताया कि चार्ज हियरिंग के बाद ट्रायल शुरू होगा और प्रॉसिक्यूशन इसके लिए पूरी तरह तैयार है।

कोर्ट ने एक अन्य आरोपी सिद्धार्थ शर्मा की पिटीशन खारिज कर दी, जिसमें उन्होंने सिंगापुर पुलिस की रिपोर्ट की कॉपी मांगने की कोशिश की थी। अदालत ने कहा कि असम पुलिस ने पहले ही सभी आवश्यक जानकारी जुटा ली है और आरोपी 10 से 12 मार्च के बीच दोपहर 2 बजे से शाम 4 बजे तक इसे देख सकते हैं।

क्यों डी-फ्रीज हुआ खाता?

SPP जियाउल कमर ने बताया कि अदालत ने तकनीकी कारणों से श्यामकानू महंत के बैंक अकाउंट को डी-फ्रीज किया। उन्होंने कहा कि पहले कुछ आरोपियों ने अलग-अलग पिटीशन दायर करके प्रक्रिया में देरी करने की कोशिश की थी।

परिवार की प्रतिक्रिया

जुबीन गर्ग की पत्नी गरिमा सैकिया गर्ग ने इस फैसले पर निराशा जताई। उन्होंने कहा, “यह हमारे लिए बहुत बुरी खबर है। अदालत का यह आदेश कुछ प्रोसेस की कमी और तकनीकी कारणों की वजह से लिया गया।” वहीं जुबीन की बहन पाल्मे बरठाकुर भी सुनवाई में मौजूद थीं।

मामले का विवरण

जुबीन गर्ग की मौत 19 सितंबर, पिछले साल सिंगापुर में समंदर में तैरते समय हुई थी। वह नॉर्थ ईस्ट इंडिया फेस्टिवल के चौथे संस्करण में शामिल होने सिंगापुर गए थे, जिसका आयोजन श्यामकानू महंत ने किया था। असम सरकार ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी बनाई और सात लोगों को गिरफ्तार किया। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने जुबीन की मौत को हत्या करार दिया। हालांकि, सिंगापुर पुलिस ने इस मामले में किसी भी अनियमितता से इनकार किया है।