मुंबई। बुधवार को भारतीय शेयर बाजार में शानदार तेजी देखने को मिली। दलाल स्ट्रीट हरे निशान में खुला और सेंसेक्स ने शुरुआती कारोबार में करीब 800 अंकों की बढ़त के साथ 74,927.94 अंक का स्तर छू लिया। इसी बीच निफ्टी भी लगभग 250 अंकों की तेजी के साथ हरे निशान में कारोबार करता रहा।
इस तेजी के चलते निवेशकों की संपत्ति कुछ ही मिनटों में लगभग 6 लाख करोड़ रुपये बढ़ गई। बीएसई पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के लगभग 423 लाख करोड़ रुपये से बढ़कर 429 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया।
तेजी के प्रमुख शेयर
सेंसेक्स पर सबसे अधिक बढ़त देने वाले शेयरों में Eternal, Bajaj Finance, Mahindra & Mahindra, UltraTech Cement, Adani Ports और Bajaj Finserv शामिल थे, जिनमें 2-3% की तेजी आई।
वहीं, आईटी सेक्टर के शेयरों जैसे Tech Mahindra, HCLTech और Infosys में 3% तक गिरावट दर्ज की गई।
एनएसई पर Nifty IT को छोड़कर बाकी सभी सेक्टोरल इंडेक्स हरे निशान में कारोबार कर रहे थे। Nifty Realty ने लगभग 3.5% उछाल दिखाया और सबसे आगे रहा। इसके बाद Nifty Consumer Durables, Nifty Metal, Nifty Auto और Nifty Media रहे। एनएसई पर कुल 2,347 शेयरों में तेजी रही, 217 शेयरों में गिरावट आई और 49 शेयर स्थिर रहे।
बाजार में तेजी के कारण
1. मध्य-पूर्व संघर्ष पर सकारात्मक संकेत
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने की उम्मीद से निवेशकों का उत्साह बढ़ा। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा कि वाशिंगटन और तेहरान के बीच समझौते के मुख्य मुद्दों पर चर्चा हुई और उन्होंने ईरान की ऊर्जा सुविधाओं पर हमले पांच दिनों के लिए रोकने का आदेश दिया।
2. कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट
ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गईं। भू-राजनीतिक तनाव कम होने के चलते जून कॉन्ट्रैक्ट का भाव 93.45 डॉलर तक गिरा। भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक है और अपनी कच्ची तेल की जरूरत का 80–90% विदेशों से पूरा करता है।
3. एशियाई बाजारों में भी तेजी
जापान का निक्केई 3% बढ़ा, दक्षिण कोरिया का कोस्पी लगभग 2% ऊपर गया और ताइवान का वेटेड इंडेक्स करीब 3% उछला। वहीं, वॉल स्ट्रीट के टेक-हैवी नैस्डैक में 1% की गिरावट और S&P 500 में 0.4% की कमी आई। यूरोपीय बाजारों में मिश्रित रुख रहा।
एक्सपायरी का असर
शेयर बाजार के फ्यूचर्स एंड ऑप्शंस मार्केट में सेंसेक्स की एक्सपायरी आमतौर पर हर गुरुवार होती है, लेकिन इस बार गुरुवार, 26 मार्च को बाजार बंद रहेगा। इसलिए एक्सपायरी बुधवार को ही हो गई। एक्सपायरी के दिन आमतौर पर वॉल्यूम बढ़ जाता है क्योंकि बड़े निवेशक बाजार को उस प्वाइंट तक लाना चाहते हैं, जहां उन्हें नुकसान न झेलना पड़े। यही कारण है कि बुधवार को भी बाजार में तेजी देखने को मिली।