पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा किया है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका और इज़राइल की संयुक्त सैन्य कार्रवाई में ईरान के 48 उच्चस्तरीय नेता एक ही हमले में मारे गए। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईरान की नई नेतृत्व टीम वार्ता की इच्छा दिखा रही है।
ट्रंप के बयान की अहमियत
एक हालिया इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि इस ऑपरेशन की सफलता पर कई लोग विश्वास नहीं कर पा रहे हैं। उनके मुताबिक, अभियान ने तय समय से पहले ही महत्वपूर्ण परिणाम दे दिए हैं और स्थिति पूरी तरह से नियंत्रण में है। उन्होंने यह भी जोर देकर कहा कि यह कार्रवाई तेजी से आगे बढ़ रही है।
क्या बदल सकता है युद्ध का परिदृश्य?
ट्रंप का बयान ऐसे समय में आया है जब खबरें आईं कि ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की मौत इस अभियान में हुई है। विशेषज्ञ इसे ईरान की 1979 की इस्लामिक क्रांति के बाद का सबसे बड़ा सैन्य झटका मान रहे हैं। इस हमले में सैन्य ठिकानों, सरकारी भवनों और नेतृत्व से जुड़े महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाया गया।
ईरान की प्रतिक्रिया
हमलों के तुरंत बाद, ईरानी सेना ने भी जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी। मिसाइल और ड्रोन हमलों के कारण पश्चिम एशिया के कई क्षेत्रों में सुरक्षा अलर्ट बढ़ा दिया गया है। कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र अस्थायी रूप से बंद कर दिए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ट्रंप के इस दावे के बाद संघर्ष और भी तेज हो सकता है। अमेरिका और इज़राइल पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि उनकी सैन्य कार्रवाई तब तक जारी रहेगी जब तक उनके निर्धारित लक्ष्य हासिल नहीं हो जाते। वहीं, ईरान ने भी कहा है कि वह प्रतिवाद जारी रखेगा। ऐसे में पूरे क्षेत्र में लंबी और गंभीर लड़ाई की आशंका बढ़ गई है।