इंकलाब मंच के प्रवक्ता उस्मान फारूक हादी की हत्या के बाद बांग्लादेश में राजनीतिक नेताओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ गई है। घटना के तुरंत बाद सरकार और कानून-व्यवस्था बनाए रखने वाली एजेंसियां पूरी तरह अलर्ट पर आ गई हैं। पुलिस और खुफिया अधिकारियों ने मिलकर 127 नेताओं की एक सूची तैयार की है, जिनकी जान पर खतरा बताया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस सूची में अवामी लीग और जातीय पार्टी को छोड़कर लगभग सभी प्रमुख दलों के नेताओं के नाम शामिल हैं। इसमें बीएनपी, जमात-ए-इस्लामी, नेशनल सिटिजन पार्टी (NCP) समेत कई राष्ट्रीय और जिला स्तर के नेताओं का समावेश है। सूची में ढाका के नेताओं के साथ-साथ देश के अन्य जिलों के प्रभावशाली नेता भी शामिल हैं।
सूची सरकार को सौंप दी गई है, जिसमें प्रत्येक नेता के लिए सुरक्षा की आवश्यकता और सुझाव भी शामिल हैं। सुरक्षा उपायों में घरों पर पुलिस तैनाती, निजी सुरक्षा गार्ड और अन्य सुरक्षा इंतजाम शामिल हैं। विशेष रूप से पिछले साल जुलाई के आंदोलन से जुड़े नेताओं को प्राथमिकता दी गई है।
सरकार सुरक्षा के साथ हथियार भी उपलब्ध करा रही है
खतरे में पड़े नेताओं को सुरक्षा के साथ हथियार रखने की अनुमति भी दी जा रही है। अब तक 73 नेताओं ने हथियार लाइसेंस के लिए आवेदन किया है, जिनमें से 20 नेताओं को अनुमति मिल चुकी है। निजी सुरक्षा प्रदान किए गए नेताओं में NCP के संयोजक नाहिद इस्लाम, अख्तर हुसैन, हसनत अब्दुल्ला, सरजिस आलम, नासिरुद्दीन पटवारी, तसनीम ज़ारा, पीपुल्स राइट्स काउंसिल के अध्यक्ष नूरुल हक नूर और महासचिव मोहम्मद राशिद खान शामिल हैं।
पुलिस मुख्यालय के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हादी की हत्या के बाद लगातार बैठकें हुईं। गृह मंत्रालय के निर्देश पर आईजीपी ने सभी पुलिस इकाइयों को जांच कर सूची तैयार करने का आदेश दिया। इस प्रक्रिया के बाद तुरंत रिपोर्ट तैयार कर ली गई। कुछ नेताओं के घरों पर वर्दीधारी पुलिस तैनात कर दी गई है और 20 नेताओं को निजी सुरक्षा पहले ही मुहैया कराई जा चुकी है।
खुफिया एजेंसियों की चेतावनी
खुफिया एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि एक विशेष समूह सीमावर्ती इलाकों में अशांति फैलाने की कोशिश कर रहा है। 13वें राष्ट्रीय संसद चुनाव की घोषणा के बाद से यह समूह देश में अस्थिरता पैदा करने की साजिश कर रहा है। हादी की हत्या इसी प्रयास का हिस्सा मानी जा रही है। 27 नवंबर से अब तक इस समूह से जुड़े कम से कम 10 लोगों की हत्या हो चुकी है।
बांग्लादेश पुलिस के महानिरीक्षक बहारुल आलम ने कहा कि नेताओं की सुरक्षा के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। अपराधियों को पकड़ने के लिए कड़ी कार्रवाई की जाएगी और देश की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों को कड़ी सजा दी जाएगी। चुनावी कार्यक्रमों, जनसभाओं और संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है, जबकि सीमावर्ती इलाकों में निगरानी कड़ी कर दी गई है।