म्यांमार की संसद ने शुक्रवार को जनरल मिन आंग ह्लाइंग को देश का नया राष्ट्रपति चुना। ह्लाइंग वही सैन्य नेता हैं जिन्होंने 2021 में आंग सान सू की की निर्वाचित सरकार को सत्ता से बेदखल कर दिया था और तब से देश पर अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है।
राष्ट्रपति चुनाव का विवरण
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मिन आंग ह्लाइंग को तीन उम्मीदवारों में से सबसे अधिक वोट प्राप्त हुए। उनके उप-राष्ट्रपति के रूप में न्यो सॉ, जो पूर्व सैन्य-नियुक्त प्रधान मंत्री हैं, और नान नी नी, जो सैन्य समर्थित यूएसडीपी (Union Solidarity and Development Party) की करेन राज्य की अध्यक्ष हैं, नियुक्त किए गए हैं।
अपने राष्ट्रपति बनने से पहले ह्लाइंग ने कमांडर-इन-चीफ के पद से इस्तीफा दिया। उनके स्थान पर जनरल ये विन ऊ को नियुक्त किया गया। म्यांमार के सरकारी रेडियो और टीवी के अनुसार, संसद (Pyithu Hluttaw) ने सोमवार को ह्लाइंग को उप-राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार के रूप में नामित किया था। संविधान के अनुसार, संसद तीन उप-राष्ट्रपति उम्मीदवारों में से राष्ट्रपति का चुनाव करती है।
चुनाव और यूएसडीपी की जीत
म्यांमार में दिसंबर 2025 और जनवरी 2026 में हुए चुनावों में यूएसडीपी ने जीत हासिल की। इस चुनाव में अधिकांश विपक्षी दलों को भाग लेने से रोका गया था।
पांच वर्षों से सत्ता में
मिन आंग ह्लाइंग 2021 से म्यांमार पर शासन कर रहे हैं। उस वर्ष उन्होंने आंग सान सू की की नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी (एनएलडी) सरकार को तख्तापलट के माध्यम से हटाया था। एनएलडी ने 2015 और 2020 के चुनावों में जीत हासिल की थी। ह्लाइंग ने तख्तापलट के समय दावा किया कि 2020 के चुनावों में धांधली हुई थी और यह कदम संवैधानिक आपातकाल के तहत उठाया गया।
तख्तापलट के बाद म्यांमार की सैन्य सरकार ने 2020 के चुनाव परिणाम रद्द कर दिए, एनएलडी को भंग कर दिया और आंग सान सू की, मंत्रिमंडल के सदस्यों और हजारों लोकतंत्र कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया।
मिन आंग ह्लाइंग का राष्ट्रपति बनना म्यांमार में सैन्य शासन की लगातार शक्ति बनाए रखने का प्रतीक माना जा रहा है।