कानपुर के वीआईपी रोड पर भैरवघाट चौराहे के पास तीन महीने पहले हुए लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ग्वालटोली थाना पुलिस ने तंबाकू कारोबारी के बेटे के खिलाफ करीब 200 पेज की चार्जशीट दाखिल की है। जांच में सीसीटीवी फुटेज और लगभग 10 गवाहों के बयान को आधार बनाया गया है, जिसमें यह बात सामने आई है कि हादसे के समय गाड़ी वही चला रहा था।
कैसे हुआ था हादसा
घटना 8 फरवरी की है, जब तंबाकू कारोबारी केके मिश्रा के बेटे शिवम मिश्रा की लैंबॉर्गिनी कार वीआईपी रोड पर नियंत्रण खो बैठी। कार पहले सड़क किनारे खड़ी ऑटो और बुलेट से टकराई और फिर फुटपाथ पर चढ़ गई।
इस हादसे में चमनगंज निवासी तौफीक अहमद के पैर में चोट आई थी, जो उस समय फुटपाथ पर अपने दोस्त का इंतजार कर रहे थे। वहीं बुलेट सवार खलासी लाइन निवासी विशाल त्रिपाठी और सोनू त्रिपाठी भी घायल हो गए थे।
घटना के बाद स्थिति
हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने कार का शीशा तोड़कर चालक को बाहर निकाला था। शुरुआत में परिजनों और बाउंसरों ने दावा किया था कि गाड़ी शिवम नहीं बल्कि उनका ड्राइवर चला रहा था, लेकिन भीड़ के विरोध के बाद पुलिस ने कार को जब्त कर लिया था।
बाद में 9 फरवरी को घायल तौफीक अहमद की ओर से ग्वालटोली थाने में केस दर्ज कराया गया।
जांच और गिरफ्तारी
इसके बाद ड्राइवर मोहन लाल ने अदालत में आत्मसमर्पण की अर्जी दी और दावा किया कि वह कार चला रहा था, जबकि पुलिस जांच में यह निष्कर्ष निकला कि हादसे के समय वाहन शिवम मिश्रा के पास था।
मामले में तत्कालीन थाना प्रभारी संतोष गौड़ की लापरवाही सामने आने पर पुलिस कमिश्नर ने उन्हें निलंबित कर दिया था। 12 फरवरी को शिवम मिश्रा को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जमानत मिल गई।
पुलिस का बयान
डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने पुष्टि की है कि लैंबॉर्गिनी हादसे मामले में चार्जशीट दाखिल कर दी गई है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।