देहरादून के एक कॉलेज में गायक मासूम शर्मा द्वारा छात्र-छात्राओं के सामने मंच से कथित रूप से अभद्र भाषा के इस्तेमाल के मामले में अब राज्य महिला आयोग सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। आयोग की ओर से इस मामले में जल्द ही दूसरा नोटिस जारी किया जाएगा।

इसी बीच हरियाणा राज्य महिला आयोग की चेयरपर्सन रेनू भाटिया ने कहा है कि शहरों के साथ-साथ ग्रामीण इलाकों से भी सहमति संबंधों और रिश्तों से जुड़े कई चिंताजनक मामले सामने आ रहे हैं।

महिला आयोग की चेयरपर्सन का बयान

हांसी स्थित विश्राम गृह में पत्रकारों से बातचीत करते हुए रेनू भाटिया ने कहा कि आयोग महिलाओं की सहायता के लिए लगातार काम कर रहा है, लेकिन हाल के कुछ मामलों ने चिंता बढ़ा दी है। उनके अनुसार, समाज में रिश्तों से जुड़े ऐसे कई मामले सामने आ रहे हैं जो पारंपरिक मूल्यों पर सवाल खड़े करते हैं।

उन्होंने बताया कि हांसी में सामने आए कुछ मामलों में पुरुषों के पक्ष में भी सुनवाई की गई है। साथ ही उन्होंने कहा कि पहले यह धारणा थी कि शहर जाने के बाद लड़कियों का व्यवहार बदल जाता है, लेकिन अब ग्रामीण क्षेत्रों में भी लिव-इन रिलेशनशिप और रिश्तों से जुड़े मामले बढ़ रहे हैं।

एक मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि 48 वर्षीय महिला का 26 वर्षीय युवक से संबंध सामने आया, जबकि महिला चार बच्चों की मां है। एक अन्य मामले में पति-पत्नी के अलग रहने और बच्चों को एक-दूसरे के खिलाफ प्रभावित करने की स्थिति भी पाई गई।

सामाजिक पहलुओं पर टिप्पणी

रेनू भाटिया ने कहा कि कई मामलों में दादा-दादी को बच्चों की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि पारिवारिक संतुलन बनाए रखा जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में संस्कारों की बात की जाती है, लेकिन हालात कई बार इसके विपरीत नजर आते हैं।

उन्होंने आगे कहा कि आज के समय में “स्वतंत्रता” के नाम पर कई लोग पारिवारिक जिम्मेदारियों से दूर हो रहे हैं, जिससे सामाजिक संतुलन प्रभावित हो रहा है।

सोशल मीडिया पर चिंता

चेयरपर्सन ने बताया कि आयोग अब तक करीब 14,700 मामलों की सुनवाई कर चुका है। उन्होंने कहा कि समाज में सही दिशा देने के लिए संस्कारों को मजबूत करने की जरूरत है।

साथ ही उन्होंने सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर भी चिंता जताई और कहा कि इसका उपयोग सकारात्मक, सामाजिक और विकासात्मक कार्यों के लिए किया जाना चाहिए।