तहसील मीनाब, ईरान। मीनाब के 'शजरे तैयबा' गर्ल्स स्कूल पर हुए हमले के लिए ईरान ने दो अमेरिकी नौसेना अधिकारियों को आतंकी घोषित किया है। भारत में ईरानी दूतावास ने इस मामले की जानकारी साझा की और दोनों अधिकारियों की तस्वीरें भी जारी की हैं।
हमले का भयावह मंजर
ईरानी अधिकारियों के अनुसार, अमेरिकी नौसेना के कमांडर ली आर टेट और कार्यकारी अधिकारी जेफरी ई यॉर्क ने तीन बार टोमाहॉक मिसाइलें दागने का आदेश दिया। इस भीषण हमले में स्कूल में मौजूद 168 मासूम बच्चियों की जानें चली गईं और पूरा परिसर मलबे में तब्दील हो गया।
'ट्रिपल टैप' स्ट्राइक क्या है?
इस हमले की सबसे डरावनी बात यह है कि इसमें 'ट्रिपल टैप' स्ट्राइक का इस्तेमाल हुआ। पहली मिसाइल गिरने के बाद जब स्थानीय लोग और बचाव दल मलबे से बच्चों को निकालने के लिए पहुंचे, उसी समय दूसरी और तीसरी मिसाइल दाग दी गई। इस रणनीति का उद्देश्य केवल तबाही मचाना नहीं, बल्कि मदद के लिए पहुंचने वाले लोगों को भी निशाना बनाना था।
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरानी अधिकारियों ने कहा कि USS Spruance के इन दोनों कमांडरों ने इस ऑपरेशन की योजना बनाई और इसे अंजाम दिया। ईरान ने दोनों की तस्वीरें साझा करते हुए उन्हें युद्ध अपराधी घोषित किया है।
अमेरिका का जवाब
हमले के बाद अमेरिकी सेना ने कहा कि लक्ष्य निर्धारण में गलती हुई और उन्हें लगा कि स्कूल परिसर वास्तव में ईरान की सेना का बेस है। हालांकि, तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पूरे मामले को खारिज कर दिया।