तेहरान। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान को खारिज कर दिया है जिसमें ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान ने अमेरिका से युद्धविराम की मांग की है। ईरान ने इसे ‘झूठा और निराधार’ बताया है।

ट्रंप का दावा और शर्त

राष्ट्रपति ट्रंप ने बुधवार को ट्रुथ सोशल पर पोस्ट शेयर करते हुए लिखा कि ईरान के नए राष्ट्रपति, जो अपने पूर्ववर्तियों की तुलना में कम कट्टर और अधिक बुद्धिमान हैं, उन्होंने अमेरिका से युद्धविराम की गुहार लगाई है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका युद्धविराम पर तभी विचार करेगा जब स्ट्रेट ऑफ होर्मुज पूरी तरह खुला और सुरक्षित हो जाएगा, अन्यथा ईरान को ‘पाषाण युग’ में वापस भेजने की धमकी दी।

ट्रंप के इस बयान के बाद व्हाइट हाउस ने पुष्टि की कि अमेरिका ईरान के नए नेतृत्व के साथ गंभीर वार्ता कर रहा है और समझौते की संभावना बनी हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बातचीत में काफी प्रगति हुई है, लेकिन अगर समझौता नहीं होता है तो इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।

ईरान में IRGC का बढ़ता दबदबा

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान में इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने महत्वपूर्ण सरकारी कार्यों पर नियंत्रण कर लिया है, जिससे राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान का पद महज औपचारिक बनकर रह गया है।

राष्ट्रपति और सैन्य नेतृत्व के बीच बढ़ते मतभेदों ने ईरान को राजनीतिक गतिरोध की स्थिति में ला दिया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह स्थिति नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई की रहस्यमयी स्थिति के कारण उत्पन्न हुई है।

अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा को सुप्रीम लीडर बनाया गया था, लेकिन तब से वह सार्वजनिक रूप से नजर नहीं आए हैं। कयास लगाए जा रहे हैं कि वे गंभीर रूप से घायल हैं या कोमा में हैं।

ईरान और अमेरिका के बीच हालात नाजुक बने हुए हैं, और दुनिया पूरी तरह से इस वार्ता और ताजा घटनाओं पर नजर बनाए हुए है।