मिडिल ईस्ट में हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। अमेरिका द्वारा ईरान के एक प्रमुख ब्रिज पर हमला करने के बाद तेहरान पूरी तरह आगबबूला है और उसने खाड़ी देशों के आठ पुलों पर हमले की चेतावनी दी थी। इसके बाद ईरान ने कुवैत की मीना अल-अहमदी रिफाइनरी पर ड्रोन हमला किया, जिससे कई यूनिट्स में आग लग गई और नुकसान की आशंका जताई जा रही है।

सुबह-सुबह ड्रोन हमला

कुवैत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन (KPC) के अनुसार, शुक्रवार सुबह रिफाइनरी पर ड्रोन से हमला हुआ। हमले के बाद रिफाइनरी की कई ऑपरेशनल यूनिट्स में आग लग गई।

आग बुझाने का काम जारी

सरकारी न्यूज एजेंसी के अनुसार, फायर ब्रिगेड और इमरजेंसी रिस्पांस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाने के प्रयास शुरू किए। अधिकारियों ने कहा कि सुरक्षा प्रोटोकॉल पूरी तरह लागू किए गए हैं।

तेल उत्पादन और सप्लाई पर असर

मीना अल-अहमदी रिफाइनरी कुवैत की सबसे बड़ी तेल प्रोसेसिंग यूनिट्स में से एक है। यहां भारी मात्रा में कच्चा तेल प्रोसेस होता है। इस हमले से न केवल स्थानीय उत्पादन प्रभावित हुआ है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय तेल सप्लाई चेन पर भी असर पड़ सकता है। यह हमला अमेरिका की नई धमकियों के बाद हुआ।

सऊदी अरब ने रोके ईरानी ड्रोन

सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, ईरान के पांच ड्रोन को इंटरसेप्ट कर नष्ट किया गया। पहले चार ड्रोन को रोकने की पुष्टि हुई, इसके बाद रात में एक और ड्रोन को मार गिराया गया।

इजरायल में हाई अलर्ट

तेल अवीव में नागरिकों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं और सायरन बजाए गए। इजरायल की सेना ने कहा कि उनका एयर डिफेंस सिस्टम ईरान से दागी गई मिसाइलों को रोकने के लिए पूरी तरह सक्रिय है।

ईरान की चेतावनी

ईरान ने बताया कि उसके नवीनतम हमले संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन और इजरायल में स्थित ठिकानों को निशाना बनाकर किए गए हैं। ये हमले अमेरिका और इजरायल द्वारा पहले किए गए औद्योगिक और स्ट्रैटेजिक स्थानों पर हमलों का जवाब हैं।