स्विट्जरलैंड की फेडरल काउंसिल ने 5 जनवरी 2026 को एक अहम निर्णय लिया है। इस फैसले के तहत वेनेजुएला के पूर्व राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनके करीबी सहयोगियों की स्विट्जरलैंड में मौजूद सभी संपत्तियों को तत्काल फ्रीज कर दिया गया है। इसका मतलब है कि अब इन संपत्तियों को न तो बेचा जा सकता है और न ही विदेश भेजा जा सकता है।

फेडरल काउंसिल ने स्पष्ट किया है कि यह कदम केवल मादुरो और उनके खास सहयोगियों तक सीमित है, और वेनेजुएला की मौजूदा सरकार के किसी अन्य सदस्य पर लागू नहीं होगा। सरकार का कहना है कि इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि वर्तमान परिस्थितियों में कोई पैसा या संपत्ति स्विट्जरलैंड से बाहर न जाए।

वेनेजुएला में राजनीतिक अस्थिरता

3 जनवरी 2026 को अमेरिका ने वेनेजुएला की राजधानी कराकस में मादुरो को गिरफ्तार किया और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया गया। उनकी गिरफ्तारी के बाद देश की राजनीतिक स्थिति अस्थिर मानी जा रही है। स्विट्जरलैंड सरकार ने कहा है कि वह वहां की घटनाओं पर लगातार नजर रखे हुए है।

स्विट्जरलैंड की मध्यस्थता की पेशकश

स्विट्जरलैंड ने सभी पक्षों से संयम बरतने और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने की अपील की है। इसमें बल प्रयोग से बचने और देशों की सीमाओं का सम्मान करने का भी निर्देश शामिल है। इसके अलावा, स्विट्जरलैंड ने संकट के शांतिपूर्ण समाधान के लिए मध्यस्थता करने की पेशकश भी की है।

कानूनी आधार

फेडरल काउंसिल ने यह निर्णय FIAA कानून के तहत लिया है, जो विदेशी नेताओं और प्रभावशाली व्यक्तियों की अवैध संपत्तियों को फ्रीज करने और आवश्यक होने पर बाद में वापस करने से संबंधित है। यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, ताकि भविष्य में अगर वेनेजुएला की ओर से कोई कानूनी कार्रवाई होती है, तो संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सके।

यह नया आदेश स्विट्जरलैंड में 2018 से लागू वेनेजुएला पर पहले से लगे प्रतिबंधों से अलग है। नए फैसले के तहत उन लोगों की संपत्तियां फ्रीज की गई हैं, जिन पर पहले कोई पाबंदी नहीं थी। फेडरल काउंसिल ने कहा कि मादुरो सत्ता से हटे कैसे, यह इस फैसले में अहम नहीं है। अब अगर जांच में यह साबित होता है कि संपत्तियां अवैध तरीके से अर्जित की गई थीं, तो स्विट्जरलैंड यह सुनिश्चित करेगा कि उनका लाभ वेनेजुएला की जनता को मिले।