पाकिस्तान के पूर्व तेज गेंदबाज शोएब अख्तर के बड़े भाई शाहिद अख्तर के जनाजे को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे कुछ वीडियो और तस्वीरों में प्रतिबंधित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े लोगों की मौजूदगी का दावा किया जा रहा है, जिसके बाद राजनीतिक और सुरक्षा हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

शाहिद अख्तर का 24 जून को निधन हो गया था, जिसके बाद उन्हें इस्लामाबाद के एच-8 कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया गया। जनाजे में खेल, राजनीति और समाज से जुड़े कई लोग शामिल हुए थे, लेकिन अब सामने आए वीडियो के चलते इस कार्यक्रम पर सवाल उठ रहे हैं।

वायरल वीडियो में गंभीर आरोप

सोशल मीडिया पर वायरल फुटेज में दावा किया जा रहा है कि जनाजे में लश्कर-ए-तैयबा के उप प्रमुख सैफुल्लाह कसूरी और पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) से जुड़े कुछ नेताओं की मौजूदगी देखी गई। हालांकि, इन वीडियो और तस्वीरों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।

कौन हैं सैफुल्लाह कसूरी?

सैफुल्लाह कसूरी को भारतीय सुरक्षा एजेंसियां 2025 के पहलगाम आतंकी हमले के प्रमुख साजिशकर्ताओं में से एक मानती हैं। इस हमले में 25 पर्यटकों की मौत हुई थी। इसके बाद भारत ने आतंकवाद के खिलाफ कई कड़े कदम उठाए थे और सीमा पार आतंकी ढांचे पर कार्रवाई की थी।

राजनीतिक संगठन पर भी सवाल

वायरल दावों में पाकिस्तान मरकजी मुस्लिम लीग (PMML) के कुछ नेताओं के भी शामिल होने की बात कही जा रही है, जिनमें इस्लामाबाद अध्यक्ष इनाम-उर-रहमान कम्बोह का नाम सामने आ रहा है। यह संगठन लंबे समय से लश्कर-ए-तैयबा से जुड़े नेटवर्क से संबंधों को लेकर विवादों में रहा है।

पाकिस्तान की भूमिका पर फिर बहस

इन दावों के सामने आने के बाद पाकिस्तान में आतंकवादी संगठनों की कथित सार्वजनिक मौजूदगी और उन्हें मिलने वाले संरक्षण को लेकर एक बार फिर बहस तेज हो गई है। भारत समेत कई देश पहले भी पाकिस्तान पर आतंकी नेटवर्क को लेकर नरम रुख अपनाने के आरोप लगाते रहे हैं।

आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार

फिलहाल इस पूरे मामले पर शोएब अख्तर या उनके परिवार की ओर से कोई बयान नहीं आया है, न ही पाकिस्तान सरकार की तरफ से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है। ऐसे में वायरल दावों की पुष्टि नहीं हो पाई है, लेकिन मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में है।