उत्तर प्रदेश के मोदीनगर स्थित गांव रोरी में नवरात्र के पहले दिन कुट्टू के आटे से बने पकवान खाने के बाद एक ही परिवार के छह लोग बीमार हो गए। इनमें दो बच्चे और एक वृद्ध महिला शामिल हैं। सभी को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, जबकि वृद्धा की तबीयत अभी भी गंभीर बनी हुई है। इस घटना ने गांव में डर और चिंता का माहौल बना दिया है।

पकवान खाया, तुरंत हुई तबीयत बिगड़ने लगी

गांव के निवासी राहुल शर्मा, जो एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं, और उनकी पत्नी रेनू शर्मा, जो शिक्षिका हैं, ने बताया कि नवरात्र के पहले दिन परिवार ने उपवास रखा था। बाद में उन्होंने गांव में अनिल की दुकान से खरीदा कुट्टू का आटा इस्तेमाल करके पकवान बनाया।

सभी परिवारजन पकवान खाने के लगभग दो घंटे बाद अचानक पेट में दर्द, चक्कर और उल्टी की शिकायत करने लगे।

कौन-कौन बीमार हुआ

बीमारी की चपेट में आए लोग हैं:

  • राहुल शर्मा

  • उनकी मां ललिता शर्मा

  • पत्नी रेनू शर्मा

  • भाई संदीप शर्मा

  • बच्चे गरिमा शर्मा और 10 वर्षीय रूद्र शर्मा

विशेषकर ललिता शर्मा और बच्चों की हालत ज्यादा गंभीर हो गई। ललिता शर्मा को कपकपी और गंभीर पेट दर्द की शिकायत हुई। शोर-शराबा सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे और तत्काल स्थानीय चिकित्सक को बुलाया।

अस्पताल में भर्ती

चिकित्सक की सलाह के बाद सभी को नगर के निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार रात सभी को अस्पताल से छुट्टी मिल गई, लेकिन वृद्धा ललिता शर्मा की तबीयत अभी भी पूरी तरह सामान्य नहीं हुई है।

जांच की जाएगी

इस मामले में खाद्य सुरक्षा और गुणवत्ता की जांच के लिए तहसीलदार रजत सिंह ने बताया कि खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम को गांव भेजकर कुट्टू के आटे और पकवान की जांच कराई जाएगी। मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी आशुतोष राय से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई।