भागलपुर जिले में गंगा नदी पर बने विक्रमशिला पुल की सुरक्षा दीवारें संख्या 17, 18 और 19 तेज जल प्रवाह के कारण क्षतिग्रस्त हो गई हैं। अधिकारियों का कहना है कि अगर समय रहते मरम्मत नहीं की गई तो स्थिति गंभीर हो सकती है।

पुल का इतिहास और महत्व

इस पुल का उद्घाटन लगभग 25 साल पहले मुख्यमंत्री राबड़ी देवी ने किया था। पुल की लंबाई 4.7 किलोमीटर है और यह रोजाना लाखों लोगों की आवाजाही का माध्यम है। कोसी-सिमांचल क्षेत्र से भागलपुर और अंग प्रदेश तक की सीधी कनेक्टिविटी इस पुल के माध्यम से बनी हुई है।

2016 से नहीं हुई तकनीकी मरम्मत

जानकारी के अनुसार, इस पुल की तकनीकी मरम्मत 2016 के बाद से नहीं हुई है। हाल ही में केवल रंग-रोगन और आर्टिफिशियल चमक बढ़ाई गई थी। भागलपुर के जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने बताया कि इस मामले की जानकारी मिली है और जांच के लिए टीम भेजी जा रही है।

पुल निर्माण निगम ने किया निरीक्षण

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए पुल निर्माण निगम के अभियंताओं की टीम ने विक्रमशिला सेतु का निरीक्षण किया। वरिष्ठ परियोजना अभियंता ज्ञान चंद्र दास ने बताया कि पुल के मुख्य स्ट्रक्चर में कोई दोष नहीं पाया गया है।

उन्होंने आगे बताया कि पुल निर्माण के दौरान फॉल्स दीवार बनाई जाती है ताकि पानी का दबाव कम किया जा सके। यह दीवार निर्माण कार्य पूरा होने के बाद हटाई जानी चाहिए थी, लेकिन किसी कारणवश इसे नहीं हटाया गया। इनमें से एक दीवार टूट गई है, जिसे अब तोड़कर हटा दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि फॉल्स दीवार पुल का स्थायी हिस्सा नहीं होती।