भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत ने देशभर के उच्च न्यायालयों से ऑनलाइन सुनवाई (वर्चुअल हियरिंग) को बढ़ावा देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि कई हाईकोर्ट पहले ही इस व्यवस्था को लागू कर चुके हैं, जबकि बाकी अदालतों को भी इसे अपनाने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए।

ऑनलाइन सुनवाई को लेकर याचिका

इस बीच एक वकील ने दिल्ली की सभी अदालतों में तीन महीने तक अनिवार्य रूप से ऑनलाइन सुनवाई कराने की मांग को लेकर याचिका दायर की है। याचिका में इसे राष्ट्रीय हित में जरूरी बताया गया है।

CJI की टिप्पणी

CJI सूर्यकांत ने स्पष्ट किया कि उन्होंने सभी उच्च न्यायालयों के मुख्य न्यायाधीशों से इस व्यवस्था पर विचार करने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि ऑनलाइन सुनवाई को बार और बेंच दोनों के लिए एक स्वैच्छिक और सुविधाजनक विकल्प के रूप में देखा जाना चाहिए।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि जिला अदालतें प्रशासनिक रूप से संबंधित उच्च न्यायालयों के अधीन आती हैं, इसलिए वहां इस तरह की व्यवस्था लागू करने का निर्णय भी उन्हीं के दायरे में आता है।

जिला अदालतों में ऑनलाइन सुनवाई की मांग

वकील की याचिका में जिला अदालतों में भी ऑनलाइन सुनवाई लागू करने का अनुरोध किया गया है, जिस पर CJI ने कहा कि इस विषय पर उच्च न्यायालयों की भूमिका अहम है।

खर्च कम करने पर जोर

CJI सूर्यकांत ने हाल ही में पश्चिम एशिया में जारी संकट का हवाला देते हुए न्यायपालिका में अनावश्यक खर्च कम करने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने सुझाव दिया कि उच्च न्यायालय सप्ताह में सोमवार और शुक्रवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सुनवाई करें।

15 मई को सुप्रीम कोर्ट ने भी निर्णय लिया था कि इन दोनों दिनों में कुछ मामलों की सुनवाई वर्चुअल माध्यम से की जाएगी।

इसके साथ ही न्यायाधीशों ने ईंधन की बचत और संसाधनों के बेहतर उपयोग के लिए कार पूलिंग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई। यह पहल प्रधानमंत्री द्वारा खर्चों में कटौती के आह्वान के बाद आगे बढ़ाई गई है।