नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इटली यात्रा के दौरान भारत और इटली के बीच द्विपक्षीय संबंधों को एक नई ऊंचाई मिली है। दोनों देशों ने अपनी साझेदारी को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक बढ़ाने का निर्णय लिया है। इस दौरान रक्षा, ऊर्जा, शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, समुद्री सहयोग, जलवायु अनुसंधान और संस्कृति सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण समझौतों की घोषणा की गई।

रणनीतिक साझेदारी को मिली नई दिशा

इस यात्रा की सबसे बड़ी उपलब्धि भारत-इटली संबंधों का अपग्रेड होकर विशेष रणनीतिक साझेदारी बनना रहा। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते राजनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग का प्रतीक माना जा रहा है। साझेदारी का मुख्य फोकस व्यापार, निवेश, नवाचार, स्वच्छ ऊर्जा, रक्षा सहयोग और लोगों के बीच संपर्क को मजबूत करना है।

रक्षा और प्रौद्योगिकी में सहयोग

दोनों देशों ने रक्षा औद्योगिक सहयोग को मजबूत करने के लिए एक रोडमैप पर सहमति जताई है। इसके तहत संयुक्त उत्पादन, तकनीकी विकास और रक्षा निर्माण क्षमता को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। यह समझौता भारत के स्वदेशी रक्षा निर्माण प्रयासों को भी समर्थन देगा।

क्रिटिकल मिनरल्स पर समझौता

भारत और इटली ने क्रिटिकल मिनरल्स के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए हैं। इसका उद्देश्य लिथियम, कोबाल्ट और रेयर अर्थ एलिमेंट्स जैसे महत्वपूर्ण संसाधनों के अन्वेषण, प्रसंस्करण और निवेश को बढ़ावा देना है, जो इलेक्ट्रिक वाहनों और स्वच्छ ऊर्जा तकनीकों के लिए अहम हैं।

वित्तीय अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई

दोनों देशों की एजेंसियों—इटली की गार्डिया डि फिनान्जा और भारत की प्रवर्तन निदेशालय (ED)—के बीच भी सहयोग समझौता हुआ है। इसके तहत मनी लॉन्ड्रिंग, टैक्स अपराध और आतंकी फंडिंग जैसी गतिविधियों के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई को मजबूत किया जाएगा।

शिक्षा और अनुसंधान में साझेदारी

भारत और इटली ने उच्च शिक्षा और शोध के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए एक नया रोडमैप तैयार किया है। इसका उद्देश्य संस्थागत साझेदारी, छात्रों और शिक्षकों के आदान-प्रदान और शोध की गुणवत्ता में सुधार करना है।

जलवायु और वैज्ञानिक अनुसंधान

जलवायु परिवर्तन और स्थिरता पर संयुक्त शोध को बढ़ावा देने के लिए भारतीय उष्णदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (IITM) और इटली के CMCC के बीच समझौता हुआ है। साथ ही उन्नत वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए तकनीकी सहयोग और संयुक्त परियोजनाओं पर भी सहमति बनी है।

स्वास्थ्य और मानव संसाधन सहयोग

इस यात्रा के दौरान भारतीय नर्सों के इटली में रोजगार अवसरों को आसान बनाने पर भी सहमति बनी। इससे स्वास्थ्य क्षेत्र में कुशल भारतीय पेशेवरों की वैश्विक मांग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है।

आयुर्वेद और सांस्कृतिक सहयोग

दोनों देशों ने आयुर्वेद के वैश्विक प्रचार, संयुक्त शोध और संस्थागत सहयोग को बढ़ावा देने पर सहमति जताई है। साथ ही 2027 को भारत-इटली संस्कृति और पर्यटन वर्ष के रूप में मनाने का निर्णय लिया गया है।

समुद्री और कृषि क्षेत्र में समझौते

समुद्री परिवहन, बंदरगाह विकास और विरासत संरक्षण जैसे क्षेत्रों में भी सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। इसके अलावा कृषि और समुद्री उत्पाद निर्यात को बढ़ावा देने के लिए भी कई समझौते किए गए हैं।