श्रीनगर। जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी नेटवर्क को एक और बड़ा झटका लगा है। प्रतिबंधित संगठन ‘अल बद्र’ के शीर्ष कमांडरों में शामिल अरजमंद गुलजार उर्फ बुरहान हमजा के पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में मारे जाने की खबर सामने आई है। सुरक्षा एजेंसियों की मोस्ट वांटेड सूची में शामिल यह आतंकी लंबे समय से पाकिस्तान में रहकर कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का संचालन कर रहा था।
पुलवामा का रहने वाला था आतंकी
जानकारी के अनुसार, अरजमंद गुलजार मूल रूप से दक्षिण कश्मीर के पुलवामा जिले के रतनीपुरा (खरबतपोरा) गांव का निवासी था। उसके पिता का नाम अहमद डार बताया जाता है। वैध यात्रा दस्तावेजों के जरिए वह कुछ वर्ष पहले पाकिस्तान गया था, जिसके बाद वह वहीं स्थायी रूप से रहकर आतंकी संगठन ‘अल बद्र’ से जुड़ गया।
पाकिस्तान पहुंचने के बाद अपनी कट्टर विचारधारा और सक्रिय भूमिका के चलते उसे संगठन में तेजी से पदोन्नति मिली और वह कमांडर स्तर तक पहुंच गया।
कश्मीर में आतंकी नेटवर्क का संचालन
सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, हमजा बुरहान पाकिस्तान और पीओके में बैठकर कश्मीर घाटी में आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने में अहम भूमिका निभा रहा था। वह ओवरग्राउंड वर्करों (OGWs) के जरिए हथियार और विस्फोटक सामग्री की सप्लाई नेटवर्क को भी संचालित करता था।
पुलवामा हमले में भूमिका का आरोप
जांच एजेंसियों का दावा है कि 14 फरवरी 2019 को हुए पुलवामा आतंकी हमले में भी उसकी अहम भूमिका रही थी। उस हमले में सीआरपीएफ काफिले को निशाना बनाया गया था। रिपोर्ट्स के मुताबिक, विस्फोटक सामग्री और हथियार जुटाने का काम ओजीडब्ल्यू नेटवर्क के जरिए इसी आतंकी के निर्देश पर किया गया था।
इसके अलावा वह घाटी के युवाओं को बहकाकर उन्हें आतंकी संगठनों में शामिल कराने और भर्ती नेटवर्क को मजबूत करने में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा था।