दुनिया में लगातार बढ़ती अनिश्चितता और अस्थिरता के बीच भारत और यूरोपीय संघ (EU) के बीच मजबूत संबंध वैश्विक आर्थिक सुरक्षा के लिए अहम साबित हो सकते हैं। विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने गुरुवार को यूरोपीय देशों के राजदूतों के साथ बातचीत में कहा कि भारत-ईयू सहयोग वैश्विक जोखिमों को कम करने और स्थिरता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। यह चर्चा दोनों पक्षों के बीच होने वाले आगामी शिखर सम्मेलन से ठीक पहले हुई।

जयशंकर ने संवाद के दौरान कहा कि आज की दुनिया में उतार-चढ़ाव और अस्थिरता सामान्य हो गई है। ऐसे माहौल में भरोसेमंद और स्थिर साझेदारियों का महत्व और बढ़ जाता है। उन्होंने बताया कि भारत और यूरोपीय संघ की साझेदारी न केवल व्यापार और निवेश बल्कि लोगों की आवाजाही और सुरक्षा के क्षेत्रों में भी वैश्विक व्यवस्था को मजबूत कर सकती है। विदेश मंत्री ने सोशल मीडिया पर भी इस बातचीत का जिक्र करते हुए वैश्विक हालात पर चिंता व्यक्त की।

व्यापार और सप्लाई चेन में सहयोग की जरूरत
जयशंकर ने जोर देकर कहा कि भारत और ईयू को आपसी सहयोग से मजबूत और लचीली सप्लाई चेन तैयार करनी होगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार में रुकावटें बढ़ रही हैं, ऐसे में भरोसेमंद साझेदारी की भूमिका और अहम हो जाती है। यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार है और वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 135 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। प्रस्तावित मुक्त व्यापार समझौते से इस सहयोग को और विस्तार मिलने की उम्मीद है।

गणतंत्र दिवस पर विशेष शिखर दौरा
ईयू के प्रमुख, यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो और यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सला 25 से 27 जनवरी तक भारत के राजकीय दौरे पर रहेंगे। दोनों नेता 26 जनवरी को भारत के 77वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि होंगे। 27 जनवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता के दौरान लंबे समय से लंबित मुक्त व्यापार समझौते की घोषणा होने की संभावना जताई जा रही है।

भारत और यूरोपीय संघ 2004 से रणनीतिक साझेदार हैं। इस शिखर सम्मेलन में मुक्त व्यापार समझौते के अलावा रक्षा सहयोग के लिए नया ढांचा और व्यापक रणनीतिक एजेंडा भी सामने आ सकता है। भारत में ईयू के राजदूत डेल्फिन ने जयशंकर के साथ हुई बातचीत को बेहद सकारात्मक बताया और कहा कि भारत-ईयू साझेदारी का लाभ न केवल दोनों पक्षों बल्कि वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देगा। जयशंकर ने भरोसा जताया कि यह सहयोग भविष्य में और मजबूत होगा।