नई दिल्ली: कुवैत में अलग-अलग कारणों से जान गंवाने वाले 20 भारतीय नागरिकों के पार्थिव शरीर बुधवार को केरल के कोचीन इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंच गए। पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के कारण इन शवों को भारत लाने में देरी हुई।
मृतकों में तमिलनाडु के रामनाथपुरम जिले के मुथुकुलथुर के रहने वाले 37 वर्षीय संथानासेल्वम कृष्णन भी शामिल हैं, जिनकी मौत एक वॉटर डिसैलिनेशन प्लांट पर हुए ड्रोन हमले में हुई थी। बाकी 19 लोगों की मौत अलग-अलग घटनाओं और प्राकृतिक कारणों से हुई थी, लेकिन क्षेत्रीय संघर्ष की वजह से उनके शवों को भारत लाने में समय लगा।
पश्चिम एशिया में 8 भारतीयों की जान गई
खाड़ी क्षेत्र में जारी संघर्ष के दूसरे महीने में अब तक कुल 8 भारतीय नागरिकों की मौत हो चुकी है। विदेश मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि एक भारतीय नागरिक अभी भी लापता है।
विदेश मंत्रालय के अधिकारी ने बताया कि कुवैत में भारतीय मिशन स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि कुवैत में हुए हमले में जान गंवाने वाले भारतीय नागरिक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।
विदेश मंत्रालय ने दी जानकारी
संयुक्त सचिव (खाड़ी) असीम महाजन ने सोमवार को दिल्ली में आयोजित अंतर-मंत्रालयी ब्रीफिंग में कहा,
"दुर्भाग्यवश, कुवैत में हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की जान चली गई। हम मृतक के परिवार के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हैं। हमारा मिशन मृतक के परिवार के संपर्क में है और स्थानीय अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि हर संभव सहायता प्रदान की जा सके और पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाया जा सके।"
उन्होंने आगे कहा कि विभिन्न घटनाओं में अब तक आठ भारतीयों की मौत हो चुकी है और एक भारतीय अभी भी लापता है।
कुवैत में हमले का विवरण
कुवैत में भारतीय दूतावास ने सोमवार को विलवणीकरण संयंत्र पर हुए हमले में एक भारतीय नागरिक की मृत्यु पर शोक व्यक्त किया।
कुवैत के बिजली, पानी और नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय ने बताया कि रविवार शाम को ईरानी हमलों के बाद एक भारतीय कर्मचारी की मौत हुई और संयंत्र की सर्विस बिल्डिंग को काफी नुकसान पहुंचा।