ईरान इस समय अपनी इस्लामिक सत्ता के अस्तित्व की रक्षा के लिए इज़राइल और अमेरिका के साथ संघर्ष कर रहा है। जंग अब एक महीने से ज्यादा समय से जारी है और देश का अधिकांश इंफ्रास्ट्रक्चर भारी नुकसान झेल चुका है। ऊर्जा सुविधाओं पर लगातार मिसाइल और बमबारी हो रही है, वहीं स्कूल, कॉलेज, मॉल, ऑफिस, बाजार और पार्क भी बंद हैं। मिसाइल और बम की आवाज़ से बच्चे और बड़े दोनों ही दहशत में हैं।

इसके बावजूद, ईरानी जनता और सत्ता का हौसला कायम है। इस कठिन समय में ईरानी बच्चों के साथ भारतीय बच्चों ने भी सहानुभूति का हाथ थामा है।

भारतीय बच्चों का खास योगदान

ईरान में भारतीय बच्चों की मदद का सबूत सोशल मीडिया पर भी साझा किया गया है। भारत में ईरानी दूतावास ने उन बच्चों की सराहना की, जिन्होंने अपनी गुल्लक की राशि ईरान के लिए दान की। दूतावास ने कहा कि इस मदद को वे कभी नहीं भूलेंगे।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर और देश के कई हिस्सों में छोटे-छोटे बच्चों ने अपनी गुल्लक तोड़कर ईरान की सहायता के लिए पैसे दान किए। ईरानी दूतावास ने इस योगदान की फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर इसे सराहा।

ईरान का रिएक्शन

ईरानी दूतावास ने भारतीय बच्चों के योगदान को ‘प्यार भरा तोहफा’ बताते हुए कहा कि इसे कभी नहीं भुलाया जाएगा। दूतावास ने कहा कि छोटे बच्चों के हाथों से दी गई यह मदद बेहद खास है और यह दोनों देशों के संबंधों की गहराई को भी दर्शाती है।