कर्नाटक के मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने राज्य में गैस और ईंधन की बढ़ती कीमतों को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने रविवार को अधिकारियों को निर्देश दिया कि घरेलू एलपीजी, औद्योगिक गैस और डीजल की कीमतों में हालिया बढ़ोतरी को लेकर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा कि औद्योगिक गैस और डीजल की कीमतों में लगातार हो रही बढ़ोतरी चिंताजनक है और इसका सीधा असर आम जनता के साथ-साथ उद्योगों पर भी पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि रिपोर्ट मिलने के बाद सरकार इस पूरे मामले पर विस्तार से समीक्षा करेगी और आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

एलपीजी के दाम में लगातार बढ़ोतरी

हाल ही में घरेलू रसोई गैस (LPG) सिलेंडर की कीमत में 29 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई है। यह पिछले तीन महीनों में दूसरी बार है जब एलपीजी के दाम बढ़े हैं।

इससे पहले 7 मार्च को भी सिलेंडर की कीमत में 60 रुपये की वृद्धि की गई थी। इस तरह पिछले कुछ महीनों में 14.2 किलो वाले घरेलू सिलेंडर की कीमत में कुल 89 रुपये तक का इजाफा हो चुका है।

तेल कंपनियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में ऊर्जा कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई दबाव के कारण यह बढ़ोतरी करनी पड़ रही है।

केंद्र सरकार का पक्ष

केंद्र सरकार ने इस मुद्दे पर कहा है कि पश्चिम एशिया में तनाव और वैश्विक बाजार में बढ़ती कीमतों के चलते एलपीजी की लागत प्रभावित हुई है। हालांकि सरकार का दावा है कि भारत में रसोई गैस अब भी कई देशों की तुलना में सस्ती दरों पर उपलब्ध है।

तेल कंपनियां वैश्विक कीमतों के अनुसार संतुलन बनाने की कोशिश कर रही हैं, ताकि सप्लाई स्थिर बनी रहे।

विपक्ष का हमला

इस बीच, पीएमके नेता अंबुमणि रामदास ने गैस की कीमतों में बढ़ोतरी को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने मांग की है कि बढ़ी हुई कीमतों को तुरंत वापस लिया जाए और जनता को राहत दी जाए।

उन्होंने कहा कि हालिया बढ़ोतरी से आम परिवारों पर अतिरिक्त बोझ पड़ा है, जबकि उनकी आय में कोई खास बढ़ोतरी नहीं हुई है। उन्होंने सरकार से अपील की कि वह अंतरराष्ट्रीय कीमतों के दबाव का कुछ हिस्सा खुद वहन करे, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।