कोलकाता की अदालत ने पार्क स्ट्रीट स्थित प्रसिद्ध रेस्टोरेंट ओलिपब के वेटर शेख नसीमुद्दीन को जमानत दे दी है। उन पर आरोप था कि उन्होंने अनजाने में प्रतिबंधित मांसाहारी भोजन परोस दिया, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। शेख नसीमुद्दीन शनिवार को गिरफ्तार किए गए थे और तब से न्यायिक हिरासत में थे। मंगलवार को उन्हें वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए अदालत में पेश किया गया।
अदालत की कार्यवाही
सीजेएम कोर्ट में नसीमुद्दीन के वकील ने कहा कि जांच में कोई नई बात सामने नहीं आई है और जमानत दी जानी चाहिए। अभियोजन पक्ष ने जमानत का विरोध किया। सभी दलीलों के बाद अदालत ने उन्हें जमानत दे दी।
मामले का विवरण
मामला तब सुर्खियों में आया जब कंटेंट क्रिएटर सायक चक्रवर्ती ने एक वीडियो साझा किया। वीडियो में आरोप लगाया गया कि उन्होंने और उनके दो दोस्तों ने ओलिपब में मांसाहारी भोजन का ऑर्डर दिया, लेकिन उन्हें प्रतिबंधित मांसाहारी परोसा गया। वीडियो वायरल होते ही यह विवादित मामला बन गया।
रेस्टोरेंट की सफाई
ओलिपब रेस्टोरेंट ने बयान जारी कर कहा कि यह 'अनजाने में हुई गंभीर गलती' थी और किसी को ठेस पहुँचाने का इरादा नहीं था। रेस्टोरेंट ने कहा कि 30 जनवरी 2026 की शाम यह घटना हुई, जिसके लिए वे माफी चाहते हैं। ओलिपब ने सभी धर्म, जाति और वर्ग के लोगों का सम्मान करने का भरोसा दिया और अपने 80 साल के इतिहास पर गर्व जताया।
बताया गया है कि शेख नसीमुद्दीन का परिवार ओडिशा से है और पिछले दो पीढ़ियों से ओलिपब में काम कर रहा है।