मणिपुर में राष्ट्रपति शासन की मियाद खत्म होने से पहले राज्य में नई सरकार के गठन की प्रक्रिया तेज हो गई है। 12 फरवरी को राष्ट्रपति शासन समाप्त होने वाला था और उससे पहले ही सत्तारूढ़ एनडीए खेमे में राजनीतिक हलचल बढ़ गई। इसी क्रम में मंगलवार को भाजपा विधायक दल की बैठक हुई, जिसमें युमनाम खेमचंद को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुन लिया गया। इसके साथ ही उनके मणिपुर के अगले मुख्यमंत्री बनने की राह लगभग तय मानी जा रही है।

सरकार बनाने की रणनीति पर चर्चा के लिए भाजपा के विधायक सोमवार को ही दिल्ली पहुंच गए थे। वहीं, समय सीमा नजदीक आने को देखते हुए पार्टी ने अपने राष्ट्रीय महामंत्री तरुण चुघ को मणिपुर का केंद्रीय पर्यवेक्षक नियुक्त किया था, ताकि संगठनात्मक और राजनीतिक समन्वय सुनिश्चित किया जा सके।

गौरतलब है कि मणिपुर में पहली बार 13 फरवरी 2025 को छह महीने के लिए राष्ट्रपति शासन लागू किया गया था, जिसे अगस्त 2025 में आगे बढ़ाया गया। यदि तय समय तक नई सरकार नहीं बनती, तो केंद्र सरकार को संसद के बजट सत्र के दौरान राष्ट्रपति शासन बढ़ाने के लिए दोनों सदनों में औपचारिक प्रस्ताव लाना पड़ता।