केरल के निष्कासित कांग्रेस विधायक राहुल ममकूटथिल से जुड़े तीसरे यौन उत्पीड़न मामले में जमानत याचिका पर सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने अदालत में अहम आपत्ति दर्ज कराई है। सरकारी वकील टी. हरिकृष्णन ने सेशंस कोर्ट में कहा कि बचाव पक्ष द्वारा प्रस्तुत वॉयस क्लिप प्रथम दृष्टया प्रमाणिक नहीं लगती और इसकी विश्वसनीयता अब तक साबित नहीं हो सकी है।

अभियोजन का कहना है कि जिस ऑडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर आरोपी यह दावा कर रहा है कि पीड़िता के साथ संबंध आपसी सहमति से थे, उसमें यह स्पष्ट नहीं है कि आवाज वास्तव में पीड़िता की ही है। साथ ही यह क्लिप किसी अधिकृत एजेंसी या सक्षम प्राधिकारी से प्रमाणित भी नहीं कराई गई है।

बचाव पक्ष की दलील

वहीं, आरोपी के वकीलों ने अदालत में यही ऑडियो प्रस्तुत करते हुए कहा कि यह दोनों के बीच सहमति से बने संबंधों की ओर इशारा करता है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद सेशंस कोर्ट ने इस मामले में अपना फैसला 28 जनवरी के लिए सुरक्षित रख लिया है।

गौरतलब है कि राहुल ममकूटथिल ने 17 जनवरी को मजिस्ट्रेट अदालत द्वारा जमानत याचिका खारिज किए जाने के बाद सेशंस कोर्ट का रुख किया था। यह तीसरा मामला 8 जनवरी को कोट्टायम जिले की एक महिला की शिकायत पर दर्ज किया गया था। आरोपी पर आईपीसी की धारा 376 (दुष्कर्म) और 506(1) (आपराधिक धमकी) के तहत आरोप लगाए गए हैं।

11 जनवरी को हुई थी गिरफ्तारी

पुलिस ने राहुल ममकूटथिल को 11 जनवरी को पलक्कड़ से गिरफ्तार किया था। इससे पहले केरल हाई कोर्ट और तिरुवनंतपुरम की एक सेशंस कोर्ट ने उन्हें पहले दर्ज दो मामलों में गिरफ्तारी से अंतरिम राहत दी थी। ये दोनों मामले भी अलग-अलग महिलाओं की शिकायतों पर दर्ज किए गए थे।