पश्चिम बंगाल में एक फैक्टरी में हुए भीषण अग्निकांड के बाद मुख्यमंत्री ने सख्त रुख अपनाते हुए तिलजला, तोपसिया और आसपास के इलाकों में चल रही अवैध फैक्टरियों के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को आदेश दिया है कि ऐसे अवैध औद्योगिक प्रतिष्ठानों की बिजली और पानी की आपूर्ति तत्काल प्रभाव से काटी जाए।

यह कार्रवाई उस दर्दनाक घटना के बाद सामने आई है, जिसमें एक अवैध फैक्टरी में आग लगने से दो लोगों की मौत हो गई थी। मुख्यमंत्री के अनुसार जिस फैक्टरी में हादसा हुआ, वह बिना अनुमति के संचालित की जा रही थी और उसके मालिकों को गिरफ्तार कर लिया गया है।

क्या है पूरा मामला

मंगलवार दोपहर तिलजला के खान जी.जे. खान रोड स्थित एक पांच मंजिला इमारत में यह हादसा हुआ। दूसरी मंजिल पर स्थित चमड़ा फैक्टरी के स्टोर रूम में करीब पौने दो बजे अचानक आग लग गई। तपसिया थाना क्षेत्र में हुई इस घटना से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और लोग इमारत से बाहर निकलने की कोशिश करने लगे।

धुएं के कारण दम घुटने से दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। आग लगने के कुछ ही मिनटों में वह तेजी से फैल गई, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। सूचना मिलने पर दमकल विभाग की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और करीब तीन घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। सभी घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया।

इमारत में फंसे लोग बाथरूम में छिपे

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आग और घने धुएं से बचने के लिए कई लोग इमारत के बाथरूम में जाकर छिप गए थे। उन्हें उम्मीद थी कि वहां कुछ समय तक सुरक्षित रहेंगे, लेकिन तेजी से फैलते धुएं ने हालात और बिगाड़ दिए। इमारत से बाहर निकलने के केवल दो रास्ते थे, जो आग और धुएं के कारण पूरी तरह अवरुद्ध हो गए थे।

जांच और कार्रवाई

राज्य सरकार ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। इसके साथ ही मामले की जांच के लिए एक समिति का गठन किया गया है, जिसका नेतृत्व पुलिस आयुक्त करेंगे। यह समिति पूरी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंपेगी।