राम मंदिर विवाद: गोविंद देवगिरी बोले- चंपत राय नाराज नहीं, ट्रस्ट के फैसलों के साथ

HIGHLIGHTS
- राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने चंपत राय से मुलाकात के बाद कहा कि वह पूरी तरह स्वस्थ हैं और किसी तरह के आक्रोश में नहीं हैं।
- उन्होंने बताया कि चंपत राय ट्रस्ट की नई व्यवस्थाओं और फैसलों के साथ मजबूती से खड़े हैं।
- राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपियों से रकम छिपाने के तरीके और बैंक लेनदेन को लेकर अहम जानकारी मिलने का दावा किया गया है।
अयोध्या से रवाना होने से पहले श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविंद देवगिरी ने ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय से मुलाकात की। मुलाकात के बाद उन्होंने कहा कि चंपत राय का स्वास्थ्य ठीक है और वह किसी भी तरह के आक्रोश या असंतोष में नहीं हैं।
स्वामी गोविंद देवगिरी ने बताया कि बातचीत के दौरान चंपत राय के स्वास्थ्य, राम मंदिर की व्यवस्थाओं, ट्रस्ट के कामकाज और हालिया घटनाक्रमों को लेकर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि चंपत राय ट्रस्ट की ओर से लिए जा रहे निर्णयों और व्यवस्थाओं को मजबूत करने के प्रयासों का पूरी तरह समर्थन कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि चंपत राय लंबे समय से राष्ट्र सेवा और संगठन कार्यों से जुड़े रहे हैं। वह एक अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहे हैं। गोविंद देवगिरी ने स्पष्ट किया कि ट्रस्ट की व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए उठाए जा रहे कदमों में चंपत राय का सहयोग बना हुआ है।
उनके इस बयान को हाल के घटनाक्रमों के बीच चंपत राय की भूमिका और रुख को लेकर चल रही चर्चाओं पर स्थिति स्पष्ट करने वाला माना जा रहा है।
चढ़ावा चोरी मामले में आरोपियों से पूछताछ, रकम छिपाने के तरीके का खुलासा
वहीं, राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस ने कस्टडी रिमांड पर लिए गए तीन आरोपियों से पूछताछ के बाद कई महत्वपूर्ण जानकारियां मिलने का दावा किया है।
पुलिस के अनुसार, आरोपी अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा और करुणेश पांडेय ने कथित तौर पर चोरी की रकम को छिपाने के लिए अलग तरीका अपनाया। जांच में सामने आया कि रकम को पहले रिश्तेदारों और परिचितों के बैंक खातों में भेजा जाता था। इसके बाद अलग-अलग लेनदेन के जरिए वही पैसा वापस मंगाया जाता था, जिससे रकम के वास्तविक स्रोत का पता लगाना मुश्किल हो।
पुलिस का कहना है कि बैंक खातों की जांच में इस तरह के लेनदेन के संकेत मिले हैं। मामले की जांच के तहत पुलिस तीनों आरोपियों को 14 कोसी परिक्रमा मार्ग स्थित उस स्थान पर भी लेकर गई, जहां कथित रूप से चोरी की रकम के बंटवारे की बात सामने आई थी।
मौके पर पहुंचकर पुलिस ने आरोपियों के बयानों का सत्यापन किया और पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी अविनाश शुक्ला के बयानों से भी तथ्यों का मिलान किया जा रहा है।
Comments0
Leave a comment
Join the conversation — your email will not be published.

Reader comments
No comments yet
Be the first to share your perspective on this story.