दिल्ली विधानसभा का बजट सत्र 23 से 25 मार्च तक आयोजित किया जाएगा। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में सोमवार को दिल्ली सचिवालय में हुई कैबिनेट बैठक में इसे लेकर निर्णय लिया गया। तीन दिवसीय सत्र में सरकार राजधानी की आर्थिक स्थिति, विकास योजनाओं और आगामी वित्तीय वर्ष की प्राथमिकताओं को सदन के सामने पेश करेगी।
सत्र की रूपरेखा
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23 मार्च: सत्र के पहले दिन दिल्ली का आर्थिक सर्वेक्षण (इकोनॉमिक सर्वे) सदन में पेश किया जाएगा। इसमें पिछले वर्ष की आर्थिक स्थिति, राजस्व प्राप्ति, व्यय, विभिन्न क्षेत्रों में हुए विकास कार्य और प्रमुख योजनाओं की प्रगति का विस्तृत विवरण शामिल होगा। यह दस्तावेज आगामी बजट की रूपरेखा समझने के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
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24 मार्च: दूसरे दिन सरकार वित्तीय वर्ष 2026-27 का वार्षिक बजट पेश करेगी। गत वर्ष की तरह इस बार भी मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ही बजट पेश करेंगी, क्योंकि वित्त विभाग उनके अधीन है। बजट में बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, परिवहन, स्वच्छता और शहरी सुविधाओं पर विशेष ध्यान रहने की संभावना है। साथ ही सामाजिक सुरक्षा और जनकल्याण से जुड़ी नई घोषणाओं की भी उम्मीद जताई जा रही है।
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25 मार्च: सत्र के तीसरे दिन बजट पर चर्चा होगी। सत्ता पक्ष और विपक्ष के विधायक अपने विचार रखेंगे। चर्चा के बाद सरकार का जवाब और आवश्यक प्रक्रियाओं के बाद बजट को पारित किया जाएगा।
राजनीतिक और विकास संबंधी पहल
बजट सत्र को लेकर राजनीतिक हलकों में सक्रियता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का अनुमान है कि आगामी बजट के माध्यम से रेखा गुप्ता सरकार राजधानी के विकास और नागरिक सुविधाओं को मजबूत करने के लिए कई नई योजनाओं और पहलों की घोषणा कर सकती है।