गुरुग्राम। सेक्टर-23 में सेवानिवृत्त कर्नल के परिवार को बंधक बनाकर लाखों की लूट को अंजाम देने वाले चार आरोपियों को गुरुग्राम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि सभी आरोपी बांग्लादेश के नागरिक हैं और अवैध रूप से भारत में रहकर आपराधिक वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
अपराध शाखा पालम विहार को सूचना मिली थी कि लूटकांड में शामिल चार संदिग्ध बजघेड़ा अंडरपास के पास मौजूद हैं और किसी नई वारदात की फिराक में हैं। सूचना के आधार पर टीम ने मौके पर घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही चारों आरोपी बचने के लिए करीब 20 फीट ऊंचाई से अंडरपास में कूद गए। इस दौरान सभी गंभीर रूप से घायल हो गए। तीन आरोपियों के पैरों में फ्रैक्चर हुआ, जबकि एक के हाथ की हड्डी टूट गई।
अस्पताल में भर्ती, रिमांड पर होगी पूछताछ
एसीपी क्राइम नवीन शर्मा के अनुसार, घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। पूछताछ के दौरान लूटी गई ज्वेलरी, नकदी और अन्य सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
3 जून की रात को दिया था वारदात को अंजाम
यह घटना 3 जून की रात करीब ढाई बजे सेक्टर-23 स्थित सेवानिवृत्त कर्नल सी.एल. जैन के घर में हुई थी। आरोपियों ने मकान के पीछे से पहली मंजिल तक पहुंचकर एक कमरे की लोहे की ग्रिल काटी और अंदर दाखिल हो गए।
घर में मौजूद विकास जैन, उनकी पत्नी और बेटी को बंधक बनाकर बदमाशों ने करीब आधे घंटे तक लूटपाट की। इसके बाद वे ज्वेलरी, नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। अगले दिन पालम विहार थाने में मामला दर्ज किया गया था।
दिल्ली में रह रहे थे आरोपी
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हिलाल, मामो खान, मोहम्मद खैरुल अरमान और मोहम्मद मामन के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी बांग्लादेशी नागरिक हैं और फिलहाल दिल्ली के संगम विहार इलाके में रह रहे थे।
जांच में पता चला है कि आरोपी खैरुल अरमान के दोनों पैरों में चोट आई है, जबकि हिलाल और मामन के एक-एक पैर में फ्रैक्चर हुआ है। मामो खान के हाथ में गंभीर चोट लगी है।
कई राज्यों में दर्ज हैं आपराधिक मामले
पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक इतिहास लंबा है। हिलाल के खिलाफ दिल्ली में चोरी, डकैती और आर्म्स एक्ट समेत 12 मामले दर्ज हैं। खैरुल अरमान पर हरियाणा, दिल्ली और उत्तर प्रदेश में हत्या, गैंगस्टर एक्ट, डकैती और चोरी सहित आठ मुकदमे दर्ज हैं। वहीं मामन और मामो खान पर भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए गए हैं।
वारदात के बाद बांग्लादेश लौटने की थी योजना
प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को पता चला कि यह गिरोह पहले दिल्ली-एनसीआर के पॉश इलाकों की रेकी करता था। बड़े मकानों को निशाना बनाकर चोरी, लूट और डकैती की घटनाओं को अंजाम देता था। आरोपियों की योजना वारदात के बाद बांग्लादेश लौटने की थी, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें दबोच लिया।