अलीगढ़। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की ‘गविष्टि गो-रक्षा धर्मयुद्ध यात्रा’ उत्तर प्रदेश में आगे बढ़ रही है। गौ माता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध की मांग को लेकर निकाली जा रही यह 81 दिवसीय यात्रा अलीगढ़ जनपद के अतरौली क्षेत्र में पहुंची, जहां उन्होंने राज्य सरकार की नीतियों पर कड़ा बयान दिया।
अतरौली में भव्य स्वागत, गूंजे जयघोष
शंकराचार्य के बहरावद की पुलिया और नरौना 12 नंबर क्षेत्र में पहुंचने पर श्रद्धालुओं ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। फूल-मालाओं और पुष्पवर्षा से उनका अभिनंदन किया गया। इस दौरान ‘गौ माता की जय’ और ‘सनातन धर्म की जय’ के नारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया।
गौ माता और सनातन पर दिए सख्त बयान
अपने संबोधन में शंकराचार्य ने गौ माता को सनातन संस्कृति का केंद्र बताते हुए कहा कि गाय को माता का दर्जा देना धार्मिक परंपरा का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि जो लोग गाय को माता नहीं मानते, उन्हें समर्थन नहीं दिया जाना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि गौ रक्षा केवल सरकार की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर सनातनी का कर्तव्य है। समाज को गोहत्या रोकने के लिए एकजुट होना होगा। उन्होंने युवाओं से धर्म और संस्कृति की रक्षा के लिए आगे आने की अपील की।
सरकार पर निशाना
शंकराचार्य ने कहा कि गौ सेवा ही वास्तविक राष्ट्र सेवा है और इसी से देश की संस्कृति मजबूत होगी। उन्होंने गौ संरक्षण के मुद्दे पर सरकार की नीति पर भी सवाल उठाए।
स्वागत में जुटे लोग
कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य का काफिला जैसे ही क्षेत्र में पहुंचा, स्थानीय लोगों ने उनका स्वागत किया। भूरा पंडित, बाबा वेदांत गौड़, देवेश शर्मा, वेदप्रकाश गौड़, सागर शर्मा, लक्ष्य पंडित सहित कई लोगों ने उन्हें माला पहनाई और पुष्पवर्षा कर अभिनंदन किया।