गुरुग्राम। कांग्रेस नेता राहुल गांधी आज गुरुग्राम दौरे पर पहुंचे, जहां वे सद्भावना यात्रा में शामिल हुए और एक जनसभा को भी संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने केंद्र सरकार, चुनाव प्रक्रिया और देश की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर कई गंभीर सवाल उठाए।

जनसभा को संबोधित करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि कुछ वर्ष पहले उन्होंने कन्याकुमारी से कश्मीर तक भारत जोड़ो यात्रा निकाली थी, जिसमें लाखों लोगों की भागीदारी रही थी। उन्होंने बताया कि उसी यात्रा के दौरान “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान” का संदेश जनता के बीच से उभरकर आया था, जो आज भी प्रासंगिक है और देश को इसकी आवश्यकता है।

राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि देश में चुनाव प्रक्रिया को लेकर कई तरह की अनियमितताएं होती हैं। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटाए जाते हैं, जबकि कई नए नाम जोड़े जाते हैं। उन्होंने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि जनता अब इन मुद्दों को समझने लगी है और समय आने पर इसका जवाब देगी।

कांग्रेस नेता ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि देश की संपत्तियां चुनिंदा उद्योगपतियों को सौंपी जा रही हैं और आम जनता के संसाधनों का लाभ कुछ बड़े कारोबारियों तक सीमित हो रहा है।

राहुल गांधी ने हरियाणा और देश में बढ़ती बेरोजगारी को सबसे बड़ा मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि युवाओं के पास डिग्रियां तो हैं, लेकिन रोजगार के अवसर नहीं मिल रहे हैं। उनके अनुसार सरकार की नीतियों के कारण घरेलू उद्योग प्रभावित हो रहे हैं और युवा वर्ग रोजगार की जगह सोशल मीडिया तक सीमित होता जा रहा है।

यह यात्रा खांडसा मंडी से शुरू होकर एसडी स्कूल खांडसा सड़क पर समाप्त हुई। सद्भावना यात्रा की शुरुआत 5 अक्टूबर को नरवाना से की गई थी, जिसे कांग्रेस नेता बृजेंद्र सिंह ने शुरू किया था।

राहुल गांधी के कार्यक्रम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, विधायक मामन खान और आफताब अहमद सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। वहीं अभिनेता और पूर्व सांसद प्रत्याशी राज बब्बर, चौधरी बीरेंद्र सिंह, कुलदीप शर्मा, रणदीप सुरजेवाला और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए। बड़ी संख्या में नेताओं की मौजूदगी को कांग्रेस संगठन के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।