कोलकाता। तारातला इलाके में निर्माणाधीन गोदाम की छत गिरने से हुए दर्दनाक हादसे के एक दिन बाद पश्चिम बंगाल सरकार ने मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की है। इस घटना में अब तक कई लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि राहत एवं बचाव कार्य अभी भी जारी है।

विधानसभा में घटना का विस्तृत ब्योरा देते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को 10 लाख रुपये की सहायता राशि दी जाएगी। वहीं, घायलों को एक लाख रुपये की आर्थिक मदद प्रदान की जाएगी।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक मलबे से 29 लोगों को बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें नौ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। अन्य घायलों का इलाज कोलकाता के एसएसकेएम अस्पताल में चल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कुछ लोग अब भी मलबे में फंसे हो सकते हैं, जिसके चलते रेस्क्यू ऑपरेशन लगातार जारी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बचाव कार्यों पर प्रशासन की कड़ी नजर है और प्रभावित क्षेत्र में तेजी से राहत पहुंचाने के निर्देश दिए गए हैं।

इसी बीच, घटना को लेकर राजनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। सरकार ने मामले में अब तक पांच लोगों की गिरफ्तारी की जानकारी दी है और स्पष्ट किया है कि लापरवाही के लिए जिम्मेदार किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।

बताया जा रहा है कि पश्चिम कोलकाता के ट्रांसपोर्ट डिपो रोड स्थित इस गोदाम के बिल्डिंग प्लान पर पूर्व मेयर और मंत्री फिरहाद हकीम के हस्ताक्षर भी दर्ज हैं। इस मामले के सामने आने के बाद प्रशासनिक स्तर पर जांच और तेज कर दी गई है।

सरकार ने यह भी कहा है कि प्रारंभिक जांच में गोदाम के स्वीकृत नक्शे में खामियों की बात सामने आई है। इसी के चलते पिछली टीएमसी सरकार के दौरान मंजूर किए गए सभी निर्माणाधीन वाणिज्यिक प्रोजेक्ट्स के काम को 31 जुलाई तक रोकने का आदेश दिया गया है। साथ ही पूरे मामले की व्यापक ऑडिट कराने के निर्देश भी जारी किए गए हैं।