मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभा ने एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर राज्य का नाम रोशन किया है। सतना जिले के मैहर की होनहार खिलाड़ी उद्रेका सिंह ने खेलो इंडिया विंटर गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए आइस स्केटिंग में नया रिकॉर्ड कायम किया है।
लेह-लद्दाख में 20 से 26 जनवरी तक आयोजित इन खेलों में उद्रेका ने वूमेन लॉन्ग ट्रैक 500 मीटर स्पर्धा को मात्र 53.94 सेकंड में पूरा कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस उपलब्धि के साथ वह भारत की अब तक की सबसे तेज महिला आइस स्केटर बन गई हैं।
कठोर मौसम में भी दिखाई असाधारण क्षमता
लेह-लद्दाख की भीषण ठंड, बर्फीला ट्रैक और तेज हवाएं खिलाड़ियों के लिए किसी चुनौती से कम नहीं थीं। माइनस तापमान में संतुलन बनाए रखना बेहद कठिन होता है, लेकिन उद्रेका ने अपनी तकनीक, संयम और आत्मविश्वास से इन सभी बाधाओं को पार कर शानदार जीत दर्ज की। उन्होंने कई अनुभवी राष्ट्रीय खिलाड़ियों को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल किया।
छोटे शहर से बड़ी पहचान तक का सफर
मैहर जैसे छोटे शहर से निकलकर राष्ट्रीय मंच तक पहुंचना आसान नहीं था। सीमित सुविधाओं और संसाधनों के बावजूद उद्रेका ने निरंतर अभ्यास, अनुशासन और मजबूत इच्छाशक्ति के बल पर यह मुकाम हासिल किया। उनकी सफलता यह साबित करती है कि प्रतिभा को सीमाएं नहीं रोक सकतीं।
प्रदेशभर में उत्साह और गर्व
उद्रेका की इस ऐतिहासिक जीत से मैहर, सतना और पूरे मध्य प्रदेश में खुशी की लहर दौड़ गई है। खेल प्रेमियों और स्थानीय नागरिकों ने इसे प्रदेश की बेटियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया है।
खेल मंत्री ने की सराहना
प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास कैलाश सारंग ने उद्रेका को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि मध्य प्रदेश के युवाओं के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार खेल अधोसंरचना, आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं, कोचिंग और छात्रवृत्ति पर लगातार निवेश कर रही है, ताकि खिलाड़ी राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन कर सकें।
नई पीढ़ी के लिए बनी प्रेरणा
उद्रेका सिंह की यह सफलता केवल एक पदक नहीं, बल्कि हजारों युवाओं, विशेषकर बेटियों के लिए एक मजबूत संदेश है कि समर्पण, सही मार्गदर्शन और मेहनत से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।