पश्चिम बंगाल में भाजपा की ऐतिहासिक जीत के बाद राज्य में पहली बार पार्टी की सरकार बनी है। शुभेंदु अधिकारी ने मुख्यमंत्री पद की शपथ लेकर इतिहास रच दिया है। उनके साथ भाजपा के पांच वरिष्ठ नेताओं ने भी मंत्री पद की जिम्मेदारी संभाली। नई सरकार में क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए कई प्रमुख चेहरों को जगह दी गई है।
अग्निमित्रा पॉल को मिल सकती है अहम जिम्मेदारी
भाजपा की प्रदेश उपाध्यक्ष अग्निमित्रा पॉल को नई सरकार में महत्वपूर्ण भूमिका मिलने की चर्चा है। उन्होंने आसनसोल दक्षिण सीट से बड़ी जीत दर्ज की है और तृणमूल कांग्रेस के उम्मीदवार को भारी अंतर से हराया। राजनीति में आने से पहले वह फैशन डिजाइनिंग के क्षेत्र में सक्रिय थीं। उनकी पहचान भाजपा के शहरी और पेशेवर वर्ग के मजबूत चेहरों में होती है।
दिलीप घोष फिर बने बंगाल भाजपा का बड़ा चेहरा
पश्चिम बंगाल में भाजपा के संगठन विस्तार का बड़ा श्रेय दिलीप घोष को दिया जाता है। आरएसएस पृष्ठभूमि से आने वाले घोष ने बूथ स्तर तक पार्टी को मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई। 2015 से 2021 तक प्रदेश अध्यक्ष रहते हुए उन्होंने भाजपा को राज्य की मुख्य विपक्षी ताकत बनाया। इस चुनाव में उन्होंने खड़गपुर सदर सीट से जीत हासिल कर अपनी राजनीतिक पकड़ बरकरार रखी।
निशिथ प्रमाणिक को मिला फिर बड़ा मौका
राजवंशी समुदाय से आने वाले निशिथ प्रमाणिक पहले केंद्र सरकार में मंत्री रह चुके हैं। कम उम्र में केंद्रीय मंत्री बनने वाले नेताओं में उनका नाम शामिल रहा है। इस बार उन्होंने माथाभांगा सीट से जीत दर्ज की। भाजपा नेतृत्व उन्हें उत्तर बंगाल में पार्टी का अहम चेहरा मानता है।
मतुआ समुदाय से अशोक कीर्तानिया की एंट्री
उत्तर 24 परगना की बनगांव उत्तर सीट से जीतने वाले अशोक कीर्तानिया को भी मंत्रीमंडल में जगह मिली है। मतुआ समुदाय में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। व्यवसाय और राजनीति दोनों क्षेत्रों में सक्रिय रहे कीर्तानिया लगातार दूसरी बार विधायक बने हैं।
आदिवासी चेहरे के तौर पर क्षुदीराम टुडु शामिल
रानीबंध एसटी आरक्षित सीट से जीतने वाले क्षुदीराम टुडु को आदिवासी समुदाय के प्रतिनिधि के रूप में सरकार में शामिल किया गया है। पेशे से शिक्षक रहे टुडु लंबे समय से क्षेत्रीय मुद्दों को लेकर सक्रिय रहे हैं। भाजपा ने उन्हें जंगलमहल क्षेत्र में अपने मजबूत आदिवासी चेहरे के तौर पर आगे बढ़ाया है।
नई सरकार के गठन के साथ भाजपा अब बंगाल में संगठन से लेकर प्रशासन तक अपनी पकड़ मजबूत करने की तैयारी में जुट गई है।