इंदौर/शिलांग: बहुचर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड में एक बड़ा अपडेट सामने आया है। मामले की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को शिलांग की अदालत ने जमानत दे दी है। वह काफी समय से न्यायिक हिरासत में जेल में बंद थी। जमानत मिलने के बाद एक बार फिर यह मामला सुर्खियों में आ गया है।
यह हत्याकांड पिछले साल देशभर में चर्चा का विषय बना था। शिलांग पुलिस ने इस मामले में सोनम समेत कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इससे पहले तीन अन्य आरोपियों को भी जमानत मिल चुकी है। अब सोनम को राहत मिलने के बाद केस ने नया मोड़ ले लिया है।
जानकारी के अनुसार, राजा रघुवंशी और सोनम रघुवंशी की शादी मई 2025 में हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय के शिलांग गए थे। शुरुआत में सब सामान्य था, लेकिन 23 मई को दोनों के अचानक लापता होने से मामला संदिग्ध हो गया।
लगातार तलाश के बाद 2 जून 2025 को राजा रघुवंशी का शव शिलांग की एक गहरी खाई से बरामद हुआ। शव की हालत देखकर साफ हो गया था कि यह दुर्घटना नहीं, बल्कि हत्या का मामला है। इसके बाद पुलिस ने जांच तेज की और कई अहम सुराग जुटाए।
जांच के दौरान सोनम रघुवंशी पर शक गहराया और 9 जून 2025 को उसे उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से हिरासत में लिया गया। पूछताछ के बाद उसे गिरफ्तार कर शिलांग लाया गया, जहां से वह जेल में बंद थी।
पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि सोनम का एक युवक से कथित संबंध था, जिसे हत्या की साजिश से जोड़कर देखा गया। हालांकि, इस दावे को परिवार ने खारिज किया है। मामले में आकाश, आनंद और विशाल समेत अन्य आरोपियों की भी गिरफ्तारी हुई थी।
अब अदालत से जमानत मिलने के बाद कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ेगी। विशेषज्ञों का कहना है कि जमानत का मतलब आरोपों से राहत नहीं होता, बल्कि यह केवल ट्रायल के दौरान अस्थायी राहत है। फिलहाल सभी की नजरें अगली सुनवाई पर टिकी हैं, जहां मामले की दिशा और स्पष्ट हो सकती है।