दो दिन पहले दबंगों से परेशान होकर जैसलमेर में एक व्यक्ति के आत्महत्या करने का मामला तूल पकड़ रहा है। विरोध में आज व्यापारियों ने सुथारमंडी और मोहनगढ़ कस्बा पूरी तरह से बंद रखा है। वहीं, ग्रामीण आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर पुलिस थाना मोहनगढ़ के आगे नारेबाजी कर विरोध जता रहे हैं।
जैसलमेर जिले के मोहनगढ़ क्षेत्र के सुथारमंडी में दो दिन पूर्व दबंगों से परेशान होकर एक व्यक्ति के आत्महत्या करने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। ग्रामीण पुलिस की कार्यशैली से नाराज होकर प्रदर्शन कर रहे हैं। ग्रामीण पुलिस थाना मोहनगढ़ के सामने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
नामजद आरोपी पुलिस की गिरफ्त से दूर
ग्रामीणों का कहना है कि मृतक गोपीराम ने आत्महत्या से पहले दबंगों से परेशान होकर सुसाइड नोट में सात आरोपियों के नाम भी लिखे थे। दो दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस आरोपियों को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर दो घंटे में पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार नहीं किया और धारा 302 नहीं लगाई गई तो और उग्र आंदोलन किया जाएगा। आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजन और ग्रामीण मृतक के शव को भी नहीं उठा रहे हैं।
दुकान बेचने से जुड़ा था विवाद
मूल रूप से बीकानेर निवासी गोपीराम ने सुधारमंडी में 13 दुकानें बनाई थीं। गोपीराम ने दस दुकानें पूर्व में ही बेच दीं। अब गोपीराम अपनी तीन दुकानें भी बेचना चाहता था, लेकिन पूर्व में जिन लोगों ने दुकानें खरीदी थीं, वो लोग उसी भावों में दुकानें खरीदना चाहते थे। वो गोपीराम पर दबाव बनाकर उसे धमका रहे थे, जिससे प्रताड़ित होकर गोपीराम ने सुसाइड नोट लिखकर आत्महत्या कर ली थी।
आरोपी फरार, माहौल गर्माया
फिलहाल मामला बहुत गर्माया हुआ है। घटना के बाद से सभी सातों आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। ग्रामीण रोड जाम करके पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात है।